वाराणसी के जंगमबाड़ी मठ में वीरशैव महाकुंभ के समापन समारोह में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों को संस्कृति और संस्कार का महत्व बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां राष्ट्र सत्ता से नहीं बल्कि संस्कारों से सृजित हुआ है।
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भारत में राष्ट्र का मतलब कभी भी यह नहीं रहा कि किसने कहां जीत हासिल की और कौन कहां हारा। हमारा देश सरकार से नहीं एक-एक नागरिक के संस्कार से चल रहा है। एक नागरिक के तौर पर हमारा आचरण ही भारत देश का अच्छा भविष्य और इसकी नई दिशा तय करेगा।
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कर्नाटक, महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों से आए लोगों के सामने प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर जनभागीदारी की प्रमुखता से वकालत की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के कारण ही गंगाजल में अभूतपूर्व सुधार आया है। जनभागीदारी की वजह से ही गंगा के प्रति देश मे आस्था और दायित्व का भाव मौजूदा समय में अभूतपूर्व स्तर पर है। जनभागीदारी का बहुत महत्व है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संस्कृत और संस्कृति की संगम स्थली में आप सबके बीच आना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। बाबा विश्वनाथ के सानिध्य में, मां गंगा के आंचल में, संतवाणी का साक्षी बनने का अवसर कम ही मिल पाता है।