काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में पीएम मोदी
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इसके बाद तबला, पखावज, सितार, शहनाई, सारंगी, नगाड़ा, बांसुरी के वाद्यवृंद की प्रस्तुतियां भी मनमोहक रहीं। सात से अधिक वाद्ययंत्रों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने ईश्वर एक है का भाव पेश किया। इसके बाद कजरी, चैती, होरी और दादरा का गायन भी शानदार रहा।