वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र आ रहे हैं। पीएम मोदी इस दौरे में अकेले नहीं अपने दोस्त और और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुअल मैक्रों के साथ आएंगे। इस दौरे को खास बनाने के लिए दोनों मेहमान गंगा में नौका विहार करेंगे। जिस बजड़े (बोट) पर वो सवार होंगे उसका नाम कैलाश है। यह बोट कई मायनों में खास है। आगे की स्लाइड्स में जानिए इसकी खुबियां...
विज्ञापन
2 of 8
kailash
- फोटो : अमर उजाला
इमैनुअल मैक्रों ऐसे दूसरे राष्ट्राध्यक्ष होंगे जो पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र आ रहे हैं और धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में धर्म-कर्म और गंगा आरती देखेंगे। यहां के अलग अलग घाटों के इतिहास के बारे में जानकारी लेंगे। ऐसे में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष जिस बोट पर सवार होंगे उसका नाम कैलाश है। यह बोट पूरी तरह से हाईटेक, बुलेटप्रूफ और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।
विज्ञापन
3 of 8
french president
- फोटो : self
इमैनुअल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक गंगा में नौका विहार करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों नेता कैलाश बोट के ऊपरी तल पर लगे महाराजा झूले से काशी के घाटों का दीदार करेंगे। इस दौरान वे बनारस के घाटों की सुंदरता की चर्चा से लेकर डिफेंस कॉरीडोर पर भी चर्चा करेंगे। इसके लिए तैयारियां जोरों पर है।
4 of 8
kailash
- फोटो : अमर उजाला
वैसे तो भारत और फ्रांस के रिश्ते काफी पुराने हैं लेकिन धर्म और संस्कृति की राजधानी बनारस में यह दौरा दोनो देशों के रिश्तों को और मजबूती देने वाला होगा। शायद यही वजह है कि इस दौरे को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं और दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है।
जहां तक इस बोट की बात है को कई मायनों में बेहद खास है।
विज्ञापन
5 of 8
kailash
- फोटो : अमर उजाला
पूरी तरह वातानुकूलित दो मंजिली इस मोटर बोट में तीन कमरे, एक लग्जरी बेडरूम से लेकर डाइनिंग रूम,वॉशरूम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। है। साथ ही साथ ही हाईटेक लॉबी के अलावा सुबह और शाम को गंगा दर्शन और बैठने की व्यवस्था है। जितनी देर तक दोनों नेता गंगा की लहरों में होंगे आकाश से लेकर जल के अंदर तक विशेष कमांडो सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
विज्ञापन
6 of 8
kailash
- फोटो : अमर उजाला
मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और सतुआ बाबा ने बुधवार को इस नाव का निरीक्षण किया। आर्किटेक्ट को बुलाकर पूरे बोट को शाही लुक देने को कहा गया, इस पर ऑर्किटेक्ट ने बोट पर महाराजा झूला लगाने का सुझाव दिया, जिसे दोनों लोगों ने पास कर दिया। इसके बाद मंडलायुक्त ने दोनों कमरे और किचेन को भी देखा जहां बृजरामा पैलेस के रसोइया को ही तैनात करने को कहा गया।
विज्ञापन
7 of 8
kailash
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे तक बोट की व्यवस्था को देखने के बाद मंडलायुक्त ने कैलाश बोट से ही सिंधिया से अस्सी घाट तक का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जिन घाटों पर गंदगी या कुछ कमियां दिखीं उनको दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार बनारस के विकास में सहयोग और देश के प्रमुख मुद्दों पर पीएम और राष्ट्राध्यक्ष चर्चा करेंगे।
इस बोट का निर्माण अक्टूबर 2017 में संत मोरारी बापू के लिए उस वक्त यजमान ने कराया था। गंगा के उस पर रेत पर 'मानस मसान' कथा के लिए बनारस आये मोरारी बापू इसी बोट में रहा करते हैं। उसके बाद इस बोट को बनारस ऐसे ही वीवीआई मेहमानों के लिए रखा गया है। से बनाने में करीब छह माह का वक्त लगा था और इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के राशि खर्च हुई थी।