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योगी जी आपके राज में पशु संरक्षण गृह में गायों पर जुल्म ढा रही पुलिस, ठूंस-ठूंस कर बंद कर रही

Wed, 18 Dec 2019 08:59 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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अस्थाई आश्रय स्थल में मवेशी - फोटो : a
आवारा पशुओं के लिए सरकार ने भले ही अस्थायी पशु आश्रय स्थलों की स्थापना करा दिया है लेकिन इन पशु आश्रय स्थलों का हाल काफी बुरा है। सभी आश्रय स्थलों पर मानक से अधिक मवेशी रखे गये है। जिसका परिणाम है कि यहां रखे गये मवेशियों को पर्याप्त मात्रा में चोकर आदि नहीं मिल पा रहा है। सगड़ी तहसील अंतर्गत सरसहाट पारनकुंडा में स्थापित अस्थायी पशु आश्रय स्थल का तो सबसे बुरा हाल है।
स्थानीय निवासी दुर्ग विजय, रामसेवक, धनंजय, भगवान, समरजीत आदि की माने तो अब तहसील प्रशासन ने पुलिस बल प्रयोग कर यहां मवेशियों को रखवा रही है। गुरुवार को जोकहरा से लाये गये मवेशी को तहसीलदार ने ग्रामीणों के विरोध के बाद भी यहां रखवा दिया।

शासन के निर्देश पर स्थापित पारनकुंडा पशु संरक्षण गृह में सफाईकर्मी अभिषेक यादव, उमेश सोनकर, अशोक, घुरा यादव, सत्येंद्र आदि की ड्यूटी लगायी गई है। वर्तमान में यहां 108 मवेशी रखे गये है। जोकहरा प्रथम में ग्रामीणों द्वारा बंद किये गये 13 मवेशियों को भी यहीं लाकर रखा गया है।

क्षमता से अधिक मवेशी यहां बंद है। जिसके चलते इन मवेशियों की न तो समुचित देेखभाल ही हो पा रही है न ही उन्हें खाने का सही खुराक ही मिल पा रहा है। 108 मवेशियों के लिए प्रतिदिन 50 किलों का एक बोरा चोकर प्रयोग किया जाता है।

इस हिसाब से एक मवेशी पर 40 से 50 ग्राम चोकर ही हिस्से में आता है। यहां तैनात कर्मियों की माने तो जो टीन शेड लगाया गया है वह यहां मौजूद मवेशियों के लिए कम पड़ रहा है। वर्तमान में एक मवेशी बीमार है और पूर्व में दर्जन भर मवेशियों की मौत भी हो चुकी है।
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बंद पशु - फोटो : अमर उजाला
पारनकुंडा पशु आश्रय स्थल की क्षमता 60 से 70 मवेशियों को रखे जाने की है। इसके बाद भी यहां लगातार मवेशी इधर-उधर से भेजे जा रहे है। वर्तमान में यहां 108 मवेशी रखे हुए है।
शिवचंद सिंह पटेल, ग्राम प्रधान।

छुट्टा पशुओं के आतंक से किसान परेशान

बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में छुट्टा मवेशियों का आतंक काफी बढ़ गया है। इनके आतंक से सर्वाधिक किसान परेशान है। क्षेत्र में कहने को तो दो अस्थायी आश्रय स्थल संचालित हो रहे है। इसके बाद भी छुट्टा पशुओं का आतंक कम नहीं हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी छुट्टा पशुओं के आतंक से मुक्ति नहीं मिल रही है। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छुट्टा मवेशियों के आतंक से मुक्ति नहीं मिलती है तो इन मवेशियों को पकड़ कर हम विकास खंड कोयलसा कार्यालय में बंद करेंगे।
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