कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पीयूष चावला से सफलता के सूत्रों को जाना। उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए चावला ने कहा कि जीवन एक रेस है और हमें रेस जीतने के लिए घोडे़ जैसी मेहनत करनी चाहिए। मेहनत करने वाले हमेशा सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे खेल में ज्यादा रुचि रखते हैं, उन्हें साथ-साथ पढ़ाई में भी रुचि बढ़ानी चाहिए। खेल और पढ़ाई के सामंजस्य से एक अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण होता है।