भोर की आरती के बाद मां अन्नपूर्णा के कपाट खुल गए हैं। दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी है। अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन पूजन के लिए भारी भीड़ उमड़ी है। साल में सिर्फ चार दिनों के लिए माता अन्नपूर्णा के दर्शन होते हैं।
बाबा विश्वनाथ के आंगन में विराजमान मां अन्नपूर्णा अपने भक्तों की हर इच्छा को पूरी करती हैं और यही कारण है कि धनतेरस से लेकर अन्नकूट तक श्रद्धालुओं का रेला माता के दरबार में उमड़ता है।
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मां अन्नपूर्णा के दर्शन खुले
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को भोर की आरती के बाद मां अन्नपूर्णा के कपाट खुल गए हैं।
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भोर में आरती के बाद मंदिर के कपाट खुले
- फोटो : अमर उजाला
दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी है। अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन पूजन के लिए भारी भीड़ उमड़ी है। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है।
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मां अन्नपूर्णा
- फोटो : अमर उजाला
साल में सिर्फ चार दिनों के लिए माता अन्नपूर्णा के दर्शन होते हैं। मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि मां अन्नपूर्णा का यह मंदिर देश का इकलौता मंदिर है जो श्री यंत्र के आकार में निर्मित है।
श्री यंत्र के ऊपर विराजमान माता अपने भक्तों और श्रद्धालुओं पर कृपा बरसाती रहती हैं। मंदिर के कोण मिलाने पर स्वत: स्वरूप में श्रीयंत्र का निर्माण हो जाता है। यही कारण है कि माता का यह स्थान स्वत: सिद्ध है। देश में कई स्थानों पर मां अन्नपूर्णा का मंदिर है लेकिन काशी में विराजमान मां अन्नपूर्णा का अलग ही महत्व है।