महामना की बगिया बुधवार को एक बार फिर अशांत हो गई। बीएचयू के दो हॉस्टलों के छात्रों के बीच खाने को लेकर हुआ बवाल इतना हिसंक हो गया कि उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग, रबर बुलेट तथा आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। गौर करने वाली बात यह है कि शहर में जब कोई वीआईपी होता है तो बीएचयू में बवाल होता है। आगे की स्लाइड्स में जानें...
विज्ञापन
2 of 9
varanasi
- फोटो : amar ujala
बीएचयू कैंपस में आगजनी, तोड़फोड़, पत्थरबाजी जैसी घटनाएं ऐसा लगता है जैसे आम बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए भारी भरकम फौज है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पर हर साल बड़ी धनराशि खर्च होती है बावजूद इसके परिसर में शांति का माहौल नहीं बन पा रहा है। इसके अलावा बवाल भी तब होता है जब शहर में कोई बड़ा वीआईपी होता है। बात अगर पिछले साल सितंबर को घटी घटनाओं की करें तो तब भी यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर में थे और 12 सितंबर को जब कैंपस बवाल हुआ तब भी यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।
विज्ञापन
3 of 9
हॉस्टल में घुसने के विरोध में छात्र कर रहे पुलिस पर पथराव
- फोटो : amar ujala
बीते साल 22 सितबंर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर शहर आए थे, उस दौरान भी बीएचयू का माहौल अराजक था। विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ छेड़खानी के विरोध में सिंह द्वार पर छात्र-छात्राएं धरना दे रहे थे। हालात कुछ इस कदर बिगड़े थे कि दुर्गाकुंड गए पीएम मोदी के आवागमन का रूट आननफानन में बदला गया था। ऐसे में अब जबकि प्रधानमंत्री को सितंबर के आखिरी हफ्ते में फिर शहर के दौरे पर आना है तो इसे लेकर आशंका जताई जा रही है कि कहीं जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं की जा रही। इसे लेकर केंद्रीय खुफिया इकाइयां अलर्ट हो गई हैं।
4 of 9
varanasi
- फोटो : amar ujala
बीएचयू में बुधवार सुबह नौ बजे शुरू हूआ बवाल शाम छह बजे तक चला। इस दौरान पूरे परिसर में अफरातफरी माहौल बना रहा। रुइया हॉस्टल से हेल्थ सेंटर तक हॉस्टल मार्ग पर आवागमन ठप रहा। इस दौरान बिड़ला अ और एलबीएस हॉस्टल की छत से पथराव कर रहे छात्रों ने पुलिस के सामने तमंचे लहराए। साथ ही, पुलिस को ललकारते हुए सामना करने की चुनौती दी। अय्यर हॉस्टल के सामने छात्र सड़क पर लोहे की कुर्सियां गिरा कर छात्र देर शाम तक धरने पर बैठे थे और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही उनको बीएचयू से निष्काषित करने की मांग कर रहे थे। अय्यर हॉस्टल के छात्रों की मांगों के समर्थन में ब्रोचा और डालमिया हॉस्टल के छात्र भी धरने पर बैठे थे।
विज्ञापन
5 of 9
varanasi
- फोटो : amar ujala
अय्यर छात्रावास के छात्रों ने बताया कि उपद्रव करने वालों में हाल में ही जेल से जमानत पर छूटे कला संकाय के निष्काषित छात्र भी शामिल थे। यह निष्काषित छात्र परिसर में कैसे प्रवेश कर गए, यह सात सौ से ज्यादा सिक्योरिटी गार्ड वाले बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल है। बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर ने भी माना कि उपद्रव में निष्काषित और जमानत पर छूटे छात्र भी शामिल थे।
विज्ञापन
6 of 9
varanasi
- फोटो : amar ujala
बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर और बिड़ला सी सहित अन्य हॉस्टलों के वार्डेन के बीच बुधवार को संवादहीनता दिखी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अय्यर हॉस्टल के सीसी कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की मदद से उपद्रवी छात्रों को चिह्नित करने के दौरान चीफ प्रॉक्टर और वार्डेन के सुर अलग-अलग थे। वार्डेन पुलिस और चीफ प्रॉक्टर की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा करने पर तुले थे। इसके साथ ही उपद्रवी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई में कोई सहयोग करने को तैयार नहीं दिख रहा था।
विज्ञापन
7 of 9
varanasi
- फोटो : amar ujala
बीएचयू परिसर के माहौल को भांपने में विश्वविद्यालय प्रशासन की इंटेलिजेंस यूनिट के साथ ही जिले की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट हमेशा से मात खाती चली आई है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बीएचयू परिसर में अराजक हुई स्थिति से प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री शहर आएंगे तो इस बार उनके पूर्व के दौरों की अपेक्षा बीएचयू के माहौल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
8 of 9
varanasi
- फोटो : amar ujala
बिड़ला सी से पांच छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद बिड़ला अ और एलबीएस हॉस्टल की छत पर खड़े छात्र पुलिस के सामने तमंचे लहरा रहे थे। साथ ही, पेट्रोल बम फेंक रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि हॉस्टलों के कमरों की जांच नहीं होती क्या...? छात्रों के पास तमंचे कहां से आए...? छात्र इतना जल्दी पेट्रोल बम कहां से तैयार कर पुलिस पर फेंक रहे हैं...? इन सवालों का चीफ प्रॉक्टर और हॉस्टलों के वार्डेन के पास कोई जवाब नहीं था।
बीएचयू के अय्यर हॉस्टल में मारपीट और तोड़फोड़ के बाद अराजक हुई स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर पहुंचते ही डीएम और एसएसपी से जानकारी ली। सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर का माहौल शांत रहे और पठन-पाठन में किसी प्रकार की बाधा न पैदा हो, यह सुनिश्चित करना पुलिस-प्रशासन का काम है। उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि अन्य को उससे सीख मिले और माहौल बिगाड़ने की कोई कोशिश न कर पाए। इसके साथ ही नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से भी पल-पल का अपडेट लिया जाता रहा।