पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इस बार मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर विभूती एक्सप्रेस को निशाना बनाया। पूर्वांचल प्रदेश की मांग को लेकर सदस्यों ने विभूति एक्सप्रेस को 15 मिनट तक रोके रखा। इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों पर आरपीएफ ने केस दर्ज किया है। वंदे मातरम और पूर्वांचल राज्य- हल्ला बोल बोल के नारे बुलंद किए। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
खास बात यह रही कि स्टेशन परिसर में प्रवेश से लेकर ट्रेन रोकने तक आरपीएफ, जीआरपी केवल मूक दर्शक बनी रही। जब ट्रेन चलने के लिए हॉर्न देने लगी तब अधिकारियों ने प्रदर्शन करने वालों को समझाना शुरू किया। इस प्रयास में 15 मिनट लग गए और न केवल रेल परिचालन प्रभावित हुआ बल्कि यात्रियों को भी गर्मी में परेशान होना पड़ा।
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कैंट रेलवे स्टेशन पर कई बार प्रदर्शन करने के बाद पूर्वांचल रज्य आंदोलन के कार्यकर्ता मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर सुबह नौ बजे से ही पहुंचने लगे थे। विभूती एक्सप्रेस लेट थी इसकी वजह से कार्यकर्ताओं ने बाकायदा प्लेटफार्म नंबर एक पर ही बैनर पोस्टर के साथ बैठकर ट्रेन का इंतजार किया। इस दौरान कई बार ट्रैक पर बैठकर उन्होंने फोटोग्राफी भी कराई। यह सब आरपीएफ और जीआरपी के सामने ही चलता रहा।
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12:05 बजे जब ट्रेन चलने के लिए हॉर्न देने लगी तब जाकर जीआरपी और आरपीएफ ने प्रदर्शनकारियों से अनुनय विनय करना शुरू किया। इसपर प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठ गए। इसके बाद कुछ लोगों को पकड़कर ट्रैक से हटाया जाने लगा। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि कोई वरिष्ठ अधिकारी पहले उनसे ज्ञापन ले। बाद में आरपीएफ के कंपनी कमांडर दिमाक सिंह ने ज्ञापन लिया। तब जाकर 12:20 मिनट पर ट्रेन रवाना हुई।
न केवल ट्रेन के यात्री बल्कि स्टेशन परिसर में खड़े यात्रियों के बीच यह चर्चा रही कि अगर पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया होता तो ट्रेन लेट न होती। हालांकि बाद में स्टेशन परिसर में बिना सूचना के प्रवेश, रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अफवाह फैलाने, ट्रेन को लेट करने आदि में मुख्य कार्यकारी संयोजक अनुज राही हिंदुस्तानी, वंदना रघुवंशी समेत 42 लोगों पर नामजद, पता अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है।