sant ravidas jayanti
भजन कीर्तन से हुआ गुलजार
भक्तों के निवास कैंप के बाहर भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। कहीं कीर्तन तो कहीं पंडवानी तो कहीं लोकगीतों के जरिए गुरु के गुणों का बखान करते हुए श्रद्धालु नाच गा रहे थे। हर साल के मुकाबले दुकानों की संख्या कम होने के बाद भी मेले में शायद ही कोई ऐसी दुकान हो जहां रखरीदारों की भीड़ न हो। जूतियों, कपड़ों, साड़ियों, सलवार सूट, शृंगार के साजोसामान से लेकर खिलौनों और चाट पकौड़े की दुकानों पर जमकर खरीदारी हो रही थी।