बनारस के राजेंद्र प्रसाद घाट पर उत्तर मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित ‘स्वच्छता ज्योति’ के अंतिम दिन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के जरिये महात्मा गांधी व लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के अंतिम संध्या में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से स्वच्छता की अलख जगाई। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली से आई विधि शर्मा ने सगुण व निर्गुण परंपरा के भजनों व सूफी गायन से किया। इनके साथ हरमोनियम पर पंकज शर्मा, बांसुरी पर अजय प्रसन्ना, तबले पर बलराम व कीबोर्ड पर हेमंत ने संगत की। स्वच्छता पर आधारित बरुन बनर्जी के कंटेम्परेरी फ्यूजन ने खूब तालियां बटोरीं।
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कथक, ओडिसी जैसे शास्त्रीय नृत्यों के साथ लोकनृत्य छाऊ की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। समकालीन नृत्यों के सुंदर संयोजन के साथ सामाजिक संदेश की भावना को बेहतरीन ढंग से दर्शाया गया।
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स्वच्छ भारत की संकल्पना के संदर्भ में अंधकार से प्रकाश की यात्रा दर्शाते हुए नृत्य नाटिका के जरिए दर्शकों को तन की स्वच्छता के साथ मन की स्वच्छता को भी महत्व देने का संदेश दिया गया।
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छत्तीसगढ़ की सम्प्रिया पूजा के पंडवाणी गायन ने सभी को भाव विभोर कर दिया। राजस्थान की परंपरागत चकरी नृत्य की संतरंगी प्रस्तुति भी खास रही। कार्यक्रमों का समापन बिहार से आए विमल ओझा व साथियों के पैका नृत्य के साथ हुआ।
कार्यक्रम में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर द्वारा कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विधायक रविंद्र जायसवाल रहे। संचालन प्रतिमा सिंहा का रहा। इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण वाराणसी अधीक्षण पुरातत्व विद् डॉ. एनके सिन्हा आदि मौजूद रहे।