यूपी की बागपत जेल में सोमवार को मफिया मुन्ना बजरंगी की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद जब पोस्टमार्टम हुआ तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आगे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 5
Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने मौके से 10 खोखे बरामद किए, लेकिन बजरंगी के शरीर में एक भी गोली नहीं मिली। पिस्टल से गोली नजदीक से मारी गई। इस कारण सभी गोलियां शरीर को छेदते हुए पार निकल गई लेकिन तीन डॉक्टरों के पैनल को मुन्ना के शरीर से 20 साल पुराने एनकाउंटर की लगी एक गोली मिली।
विज्ञापन
3 of 5
Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि जौनपुर के रहने वाले मुन्ना बजरंगी और मौत का यह पहली बार सामना नहीं हुआ। इसी साल मार्च 2018 में झांसी जेल में एसटीएफ के एक दरोगा पर बंदी के माध्यम से जहर देकर मारने के प्रयास का आरोप भी बजरंगी ने लगाया था। मामले की जांच चल रही है।
4 of 5
Munna Bajrangi
इससे पहले 1998 में करनाल हाइवे पर पुलिस के साथ एनकाउंटर हुआ। बजरंगी को आठ गोलियां लगी थी। पुलिस उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय मोर्चरी पर ले गई थी, जबकि वह जिंदा था। डॉक्टरों ने शरीर से सात गोलियां तो निकाल दी थी लेकिन एक गोली उसके पेट में फंसी रह गई।
बताया जाता है कि उसके मुन्ना बजरंगी को ऑपरेशन कराने से डर लगता था कि कहीं डॉक्टर उसकी हत्या न कर दें। यही वजह रही कि उसने गोली को कभी निकलवाने की कोशिश भी नहीं की।