अपनी अजीब हरकतों के चलते चर्चा में आई अलीजा बचपन से ही गूंगी और बहरी है। दिमागी रूप से कमजोर वह शुरू से ही है। उसका इलाज इलाहाबाद में चल रहा था। परिवार वालों की माने तो वह बचपन से ही बगैर सीढी वाले छतों पर चढ़ जाती थी। आगे की स्लाइड में जानें मोगली गर्ल की और कुछ खास बातें ...
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मोगली गर्ल
- फोटो : amar ujala
चलती ट्रेनों की छतों पर बैठकर इधर, उधर चली जाती थी। वह बच्चों के साथ न खेलकर अकेले खेलती। उसे पेड़ों पर सरपट चढ़ जाने की महारत हासिल है।होली के दूसरे दिन 28 मार्च 2016 को वह अचानक घर से गायब हो गई थी।
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मोगली
- फोटो : amar ujala
ग्रामीणों की माने तो वह रेलवे स्टेशन की तरफ गई और किसी ट्रेन पर बैठकर कहीं चली गई। अलीजा के चाचा भूल्लन शाह ने बताया कि उसकी गुमशूदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेेकिन पुलिस ने कोई खास प्रयास नहीं किया।
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मोगली
- फोटो : amar ujala
छह माह तक हम लोगों ने इधर उधर खोजा लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। अचानक जंगल गर्ल्स, वन दुर्गा आदि नाम देते हुए उसका फोटो अखबारों में छपा तो हम लोग बहराईच पहुंचे। और गुमशुदगी का पोस्टर दिखाया।
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मोगली
- फोटो : amar ujala
उन्होंने बताया कि उसका इलाज लखनऊ के इंदिरा नगर के एक अस्पताल में चल रहा है। ठीक होने के बाद ही वह अपने घर मुंगराबादशाहपुर के कमालपुर लेकर आएंगे। मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर)। कमालपुर निवासी रमजान की छह पुत्रियां और एक पुत्र है।
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मोगली
- फोटो : amar ujala
बड़ी पुत्री गुडि़या (13), गुड्डी (12), गुलअफशां (11), अलीजा (10), अफसरा (5), अनीसा (3) और एक मात्र पुत्र इरफान दो वर्ष का है। रमजान मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। अलीजा के मिलने के बाद परिवार में खुशी छा गई है।
मंदबुद्धि वह जरूर थी लेकिन परिवार के सभी लोग उसका विशेष ख्याल रखते थे। मां नजमा कहती है कि अक्सर वह बेहोश हो जाती थी। उसे किसी कार्य के लिए मना किया जाता था वह अजीब तरीके से हरकत करती थी।