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पूर्वांचल में सबसे सशक्त और सक्रिय गैंग है मुख्तार अंसारी का, इन कारोबार से जुड़ा

Sat, 11 Jul 2020 02:45 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।
वैसे तो पूर्वांचल के मऊ जिले में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 64 सक्रिय गैंग हैं। समय-समय पर अभियान चलाकर पुलिस इन पर शिकंजा कसने का काम भी करती है। लेकिन इन दिनों शासन के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे, अभियान में जिला पुलिस ने जिले में सक्रिय मुख्तार अंसारी गैंग को चुना है। मुख्तार गैंग को हिलाने में पुलिस का पूरा साथ जिला प्रशासन भी दे रहा है।
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यूपी पुलिस - फोटो : गूगल
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के रिकॉर्ड में जिले में कुल 64 सक्रिय गैंग हैं। लेकिन इनमें सबसे सशक्त और सक्रिय गैंग सदर विधायक मुख्तार अंसारी का है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में सरकारी गैर सरकारी ठेके से लेकर, जिले के सभी नगर पंचायतों के टैक्सी स्टैंड, मछली व्यवसाय, जमीन कारोबार इस गैंग के लोगों का हस्तक्षेप और संलिप्ता है। अपराध जगत में भी इस गैंग के अपराधी हर तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुकें है। ऐसे में पुलिस गैंग का चुल हिलाने में जुटी है।
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मुख्तार अंसारी
विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक इस गैंग के 38 लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर में तथा कईयों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है। वर्ष 2009 में ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड और वर्ष 2010 में उनके हत्या में गवाह रहे रामसिंह मौर्य की हत्या ठेकेदारी में कमीशन देने को लेकर उपजे विवाद को लेकर हुई थी। पुलिस विभाग का मानना है कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी मुख्तार गैंग का वर्चस्व कम नहीं हुआ है, क्योंकि टेंडर डाले वालों तक गैंग के माध्यम से सूचना पहुंच जाती है।

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विधायक मुख्तार अंसारी
गैंग के इन सदस्यों पर हो चुकी है कार्रवाई
एसपी अनुराग आर्य की के अनुसार मुख्तार गैंग के शूटर अंकुर राय और उसके दस साथियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया है। अंकुर पर रासुका लगाया गया। इसी क्रम में मुख्तार गैंग से जुड़े गोवंश व अन्य जानवरों का वध कर मांस का कारोबार करने वाले गैंग के आठ सदस्यों का गैंगेस्टर में चालान किया गया। इसी क्रम में अवैध वसूली करने वाले गैंग के सदस्य सऊद अब्बासी, सुरेश सिंह सहित 13 का चालान कर जेल भेजा गया। मछली कारोबार पर काम करने वाले मुख्तार गैंग के पारस सोनकर सहित तीन पर शिकंजा कसा गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इसी क्रम में रंगदारी वसूली करने से लेकर अन्य अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले माफिया और बाहुबली पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह काका के काकस को तोड़ने का काम किया गया। रमेश के आतंक से वैज्ञानिकों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा वह डिप्टी जेलर की हत्या में भी रमेश का नाम आया था।
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
जिले में कभी डी नाइन गिरोह का काफी आतंक था, लेकिन गैंग के सरगना धर्मेंद्र सिंह, सुजीत बुढ़वा, आशीष चौबे और हरिकेश यादव को एक एक करके पुलिस मुठभेड़ में ठिकाने लगा चुकी है। अब यह गिरोह निष्क्रिय है लेकिन इसी गैंग से जुड़ा लालू यादव अभी भी फरार है। मुख्तार के करीबियों में संजय सागर, हाजी मुख्तार, राजन सिंह, रजनीश सिंह आदि पर पुलिस ने कार्रवाई की है। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मुख्तार अंसारी के विभिन्न करीबियों के कई गैंग के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा कई अन्य गैंगों पर भी प्रभावी शिकंजा कसा जा रहा है।
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