यूपी के मिर्जापुर में बुधवार सुबह एक एलकेजी व यूकेजी के बच्चों से भर स्कूल वैन नहर में पलट गई। घटना के बाद डर के कारण चिखते-चिल्लाते बच्चों को छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया लेकिन वहां मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाई। नहर के पास मौजूद दो दंपत्ति बिना कोई पल गवाएं नहर में कूद गए और 27 जिंदगियां बचा लीं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
घटना मिर्जापुर जिले के महुगढ़ गांव के सामने बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे घटी। श्रीरामा इंटरनेशनल स्कूल, हरषण की स्कूल बस ट्रैकटर से बचने के चक्कर में नहर में जा पलटी। हादसा होते ही चालक फरार हो गया। सुखरा मुख्य नहर के पास मौजूद चार महिला व पुरुष वैन में सवार बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए भगवान के भेजे दूत साबित हुए।
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मासूम बच्चों को बचाने वाले ये चारों महुगढ गांव के ही निवासी हैं। संयोग था कि उन देव दूतों का घर नहर के किनारे ही स्थित है। नहर में स्कूल वैन पलटते समय अपने दरवाजे पर ही मौजूद संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि जानकारी होते ही वे तथा उनकी पत्नी माया शर्मा तथा पड़ोसी महेंद्र कुमार व उनकी पत्नी चन्द्र कली भी तत्काल मौके पर पहुंच गए, और तुरंत नहर में उतर कर सभी बच्चों को सकुशल बाहर निकाला लिया।
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महेंद्र कुमार ने बताया कि बचाव कार्य में थोड़ा भी विलंब होता तो उसके बाद की स्थिति की कल्पना नहीं की जा सकती है । बचाव दल में शामिल महिला माया शर्मा तथा चंद्र कली ने बताया कि हमने अपने मानवीय कर्तव्य का पालन किया है।सभी बच्चों को सकुशल बचाने में महती भूमिका निभाने वाले चारों दंपतियों की लोग मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं।
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स्कूल के प्रिंसिपल अनुपम शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर लिया है। मिर्जापुर डीएम विमल कुमार दुबे ने बच्चों को बचाने वालों को सम्मानित करने की घोषणा की है। संयोग था कि नहर में जिस समय स्कूल वाहन गिरा उस समय मात्र ढाई फीट पानी था। जिसके चलते वाहन उसमें नहीं डूबा लेकिन कई बच्चों के पानी पी लेने से उनकी हालत जरूर खराब हो गई।
बुधवार की सुबह नहर में गिरे स्कूल वाहन को बड़े हादसे हादसे को टालने में सबसे बड़ा रोल नहर में पानी का कम होना रहा। अगर पानी अधिक रहता तो बुधवार का दिन हलिया के लिए काला दिन रहता। हर तरफ चीख पुकार मची होती, लेकिन ईश्वर ने ऐसा कुछ होने नहीं दिया।