मिर्जापुर जिले के कटका गांव के पास सड़क हादसे में बीरबलपुर बस्ती के 10 लोगों की मौत से रामसिंहपुर ग्राम पंचायत में मातमी माहौल है। जान गंवाने वालों के घर परंपरा का निर्वहन करते हुए शनिवार की शाम सूर्यास्त के पहले चूल्हा जला। पुरुष और बच्चों ने सिसकते हुए दूध-भात खाया। वहीं, महिलाओं को रोना-बिलखना जारी रहा। इस हादसे से ग्राम पंचायत के साथ आसपास के इलाके के भी ग्रामीण गमगीन है।
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घर खाना खाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
भदोही के औराई क्षेत्र से मकान की ढलाई कर बीरबलपुर बस्ती के 14 लोग ट्रैक्टर-मिक्सर मशीन पर बैठ कर शुक्रवार की आधी रात बाद अपने घर आ रहे थे। प्रयागराज-वाराणसी नेशनल हाईवे पर कटका गांव के पास ट्रक की टक्कर से 10 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में चार लोग घायल हुए थे। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी की अंत्येष्टि मिर्जापुर के कछवां बाजार क्षेत्र में गंगा किनारे बरैनी घाट पर की गई।
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घरवालों ने बांधा घंट
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घटना के दूसरे दिन शनिवार को सूर्यास्त से पहले जान गंवाने वालों के परिजनों ने दूध-भात खाया। इसके बाद दरवाजे पर बंधे घंट-घड़ियाल पर दीपक जलाए। इस बीच दिन भर बस्ती से महिलाओं के रोने-चीखने की आवाज सुनाई देती रही। बस्ती की सुदामा देवी और रमा देवी ने अपनी आंखों से आंसू पोछते हुए कहा कि भगवान ऐसा दुख दुश्मन को भी न दे। यह नवरात्र जीवन भर नहीं भूलेगी। ऐसा लग रहा है कि जैसे बस्ती के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घरवालों ने बांधा घंट
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बांस के डंडे के सहारे बांधे जूरी घंट
बीरबलपुर बस्ती में सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के पास न कोई सार्वजनिक स्थान है और न जलाशय है। पीड़ित परिजनों के घरों के आसपास पीपल का पेड़ भी नहीं है। इसीलिए सभी अपने दरवाजे के सामने बांस के सहारे घंट जूरी बांध कर शनिवार को दीपदान किए। पीड़ित परिजनों का कहना था कि जो नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं उन्हें कम से कम ऐसा सार्वजनिक स्थान तो उपलब्ध कराना चाहिए कि घर-परिवार के किसी सदस्य की मौत हो तो उसका क्रिया-कर्म किया जा सके।
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पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा नेता
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बीडीओ पहुंचे बस्ती, पीड़ित परिजनों से बोले- हर तरह की मदद मिलेगी
बीरबलपुर बस्ती में शनिवार को आराजी लाइन के खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि आवास विहीन लोगों को आवास, विधवा व वृद्धा पेंशन के लिए पात्र महिलाओं को पेंशन और अनाथ हुए बच्चों को स्पांसर योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।
उन्होंने ग्राम सचिव और ग्राम विकास अधिकारी को कहा कि पीड़ित परिवारों के आवास और पेंशन संबंधी फार्म तत्काल भरवा कर आगे बढ़ाएं। इसके साथ ही फार्म भरवाने का काम शुरू हो गया। इस दौरान घायल सभाजीत के परिजनों ने गुहार लगाई कि बिल न जमा होने पर दो दिन से घर की बिजली काट दी गई है। इसे लेकर उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ से बात कर विद्युत आपूर्ति शुरू कराने को कहा। देर शाम तक बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई। उधर, लेखपाल सहित अन्य राजस्व कर्मियों ने पीड़ित परिजनों के बैंक खातों का विवरण लिया। कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष से मिलने वाली दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता खाते में आएगी।
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के परिजन
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अनाथ हुए दो भाइयों को प्रतिमाह मिलेगी आर्थिक मदद
बीरबलपुर बस्ती निवासी अनिल कुमार की पत्नी रीता देवी की पहले ही मौत हो गई थी। हादसे में अनिल की भी मौत हो गई। अनिल के बेटों अमित और आकाश अनाथ हो गए हैं। इसे देखते हुए पंचायत सहायक शुभम शर्मा ने अमित व आकाश का स्पांसर योजना के तहत फॉर्म भरवाया। इस योजना के तहत सरकार द्वारा प्रतिमाह चार हजार रुपया भरण-पोषण के लिए दिया जाता है।
मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घर ढांढस बंधाने पहुंचे कांग्रेस नेता अजय राय
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अजय राय ने ढाढ़स बंधाया, सपाई भी पहुंचे
बीरबलपुर बस्ती में शनिवार की शाम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे। उन्होंने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि हम हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। प्रत्येक मृतक और घायल के घर जाकर उन्होंने पांच-पांच हजार रुपये दिए। इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, आनंद सिंह रिंकू, जिला उपाध्यक्ष राजीव गौतम समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। उधर, समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी बस्ती पहुंचा। सपा के पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़ पहलवान, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह पटेल और कन्हैया लाल राजभर ने पीड़ित परिजनों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि पीड़ित परिजनों की आवाज को सदन में उठाकर प्रत्येक परिवार को 20-20 लाख रुपये दिलाने के लिए सरकार से अनुरोध करेंगे।