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पूर्वांचल में हो रही 'आफत की बारिश', अब तक गई 15 लोगों की जान, सैकड़ों मकान जमींदोज

Sat, 13 Jul 2019 03:26 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/गोरखपुर
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बारिश 'राहत' नहीं बल्कि 'आफत' बन कर बरस रही है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जहां निचले इलाकों में पानी भरने लगा है, वहीं जगह-जगह पेड़, खंभे और सैकड़ों मकान गिरने जैसी घटनाएं भी हो रही हैं। जिसमें अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। इस 'आफत की बारिश' की तस्वीरें देखें आगे की स्लाइड्स में...
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आजमगढ़ में शुक्रवार रात नौ बजे शुरू हुई चक्रवाती बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। दीदारगंज थाना के पूक (पुष्पनगर) निवासी सूर्यनाथ मिश्र (80) पुत्र स्व.सुदामा की मड़ई गिरने से जान चली गई। वहीं अतरौलिया के मनवरपुर ग्राम मे खरपत्ती (69) पत्नी राम निहोर की रिहायसी मंडई गिर जाने से मौके पर ही मौत हो गई। उधर, रौनापार थाना क्षेत्र के हैदराबाद गांव के प्रियांशु यादव (11) पुत्र सुरेश यादव की शुक्रवार रात मंडई गिरने दबकर मौत हो गई। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दयालपुर में कच्चे मकान की दीवार गिरने से गायत्री (65) पुत्र रामनाथ, जीत नारायण (35) पुत्र गायत्री, आदित्य यादव (10) और अर्पित यादव (8) पुत्र जीत नारायण दब गए। जिसमें अर्पित की मौत हो गई और अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। इसके पहले गुरुवार सुबह आजमगढ़ के मुबारकपुर थाने के कुकुरसंडा गांव में कच्चे मकान की दीवार गिरने से तकदीर अली(65) की मौत हो गई।
 
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मऊ में शुक्रवार की शाम अचानक शुरु हुई बरसात का असर पूरे जिले में देखने को मिला। मधुबन के तालरतोय गांव में एक मकान ढहने से लीलावती पत्नी सुदर्शन की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि सुर्दशन गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, कोपागंज में एक बालक नाले की तेज धारा में आकर बह गया। 20 मकान ढह चुके हैं। साथ ही बिजली सप्लाई के साथ संचार व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। वहीं, शनिवार को सीएचसी मुहम्मदाबाद गोहना पूरी तरह से जलमग्न हो गया। इसके अलावा जिला अस्पताल में बने आवासीय भवन, कलेक्ट्रेट, आरटीओ दफ्तर, बिजली विभाग, स्टेडियम सहित अन्य सरकारी गैर सरकारी भवनों में पानी भर गया। मुहम्मदाबाद गोहना में मौजूद एक इलेक्ट्रानिक सामानों की दुकान में पानी भरने से करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 
 

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बलिया में तेज बारिश से हर तरफ जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान ढह गए हैं। वहीं, घाघरा नदी के उफान पर होने से गांव के लोग स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में रहने को मजबूर हैं। शुक्रवार रात को आंधी तूफान के साथ हुई बारिश के चलते सड़कों पर कई पेड़ और बिजली के पोल टूट कर गिर गए हैं जिससे जगह-जगह आवागमन बाधित रहा।
 
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जौनपुर जिले में बारिश की वजह से अब तक 100 से अधिक मकान गिर चुके हैं। वहीं, 50 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। खेतासराय के मनेछा गांव में मकान ढहने से अमरावती (55) समेत दो लोगों की जान चली गई। ग्रामीण अंचल के प्राथमिक स्कूलों में पानी भरने से पठन पाठन बाधित है। शहर के कई मोहल्लों में भी पानी सड़कों पर भर गया है।
 
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गाजीपुर में बारिश के कहर से कई बस्तियां पानी से घिर गई हैं। दर्जनों रिहायशी मकान अब तक गिर चुके हैं। बिजली के पोल व तार टूटने से अधिकांश जगहों की आपूर्ति ठप है। तेज हवा चलने से रेवती क्षेत्र में केले की खेती बर्बाद हो गई है। करीमुद्दीनपुर बाजार के सामने रेलवे पर बना अंडर ब्रिज में पानी भरा हुआ है। इससे आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गोविंदपुर किरत गांव में शुक्रवार कि रात मूसलाधार बारिश के कारण पंचायत भवन की दीवार गिर गई। वहीं, करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के पखनपुरा गांव में एक झोपड़ी पर पेड़ गिरने से ननिहाल रह रही कोमल (13) की मौत हो गई।
 
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घरों में पानी घुसने से रातभर लोग परेशान रहे। पानी भरने से दर्जनों गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। शहर के साथ ही निचले इलाकों में पानी घुसने से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। तमसा नदी का पानी भी अब किसानों के खेतों और गांवों में घुसने लगा है। जो किसान रोपाई कर चुके हैं उनकी फसल खराब होने के कगार पर है। अभी भी बारिश से मुक्ति की संभावना नहीं दिख रही है। 
 

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आजमगढ़ शहर के बागेश्वर नगर में रेगुलेटर पर खतरा मंडराने लगा है। कॉलोनी में तीन से चार फिट पानी घुस गया है। तमसा के पानी के घुसने की संभावना को देखते हुए बाढ़ खंड ने बचाव की तैयारी तेज कर दी है। बवाली मोड़ के पास स्थित रेगुलेटर के पास मिट्टी भरी बोरियों को रख लिया गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल पानी को रोकने में किया जा सके। बाढ़ खंड की टीम लगातार तमसा के जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही नदी का जलस्तर रेगुलेटर के पास पहुंचेगा इसे बंद कर दिया जाएगा। जेई अवनीश कुमार ने बताया कि नदी के जलस्तर में शुक्रवार को आठ घंटे में 13 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
 

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वाराणसी, बलिया, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर और चंदौली में तेज हवा के साथ बारिश से जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे तथा तार टूट गए। इससे बिजली गुल हो गई और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इन जिलों में दर्जनों कच्चे मकान भी ढह गए। जौनपुर में सबसे ज्यादा 100 मकान धराशाई हुए हैं। चंदौली के शाहपुर गांव में कच्चा मकान गिरने से सविता (23) की मौत हो गई।

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उधर, गुरुवार को देवरिया के सलेमपुर क्षेत्र में नदावर घाट गांव के विजय प्रसाद का पुत्र बलवीर (10) गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 का छात्र था। वह अपनी बहन नव्या (6) और राजा प्रताप के पुत्र आयुष (7) सहित अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलने के दौरान देखते ही देखते बलवीर, आयुष और नव्या गड्ढे में गिर गए और तीनों की मौत हो गई। उधार, शुक्रवार को लार के धमौली में भी दो बच्चों करन और श्याम सुंदर की डूबने से मौत हो गई। 
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गंगा का बढ़ रहा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
उधर, गंगा के जलस्तर का बढ़ाव जारी है। शुक्रवार की शाम को जलस्तर बढ़ते हुए 60.15 मीटर पर पहुंच गया था। इसी के साथ गंगा के जलस्तर के बढ़ने की गति भी पांच सेमी प्रति घंटा हो गई। इससे नाविक अपनी नावों को सुरक्षित बांधने लगे हैं। दूसरी ओर जेट्टी को भी हटा लिया गया है।
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