फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahashivratri: सात अखाड़ों की पेशवाई में 10 हजार नागा साधु, बाबा को अर्पित किया महाकुंभ का पुण्य; तस्वीरें

Thu, 27 Feb 2025 03:51 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरी काशी नगरी शिवमय हो गई थी। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्त सुबह से ही कतारबद्ध हो गए थे। प्रशासन की उनकी सुरक्षा में तैनात रहा। वहीं, भक्त भी नागाओं का दर्शन कर निहाल हो उठे।
विज्ञापन
1 of 18
काशी में पेशवाई के दाैरान शोभायात्रा की खास झलक। - फोटो : अमर उजाला
Mahashivratri 2025 : बाबा विश्वनाथ की नगरी में कण-कण शंकर का भाव बुधवार को साकार हुआ। गंगा घाट, गलियां और सड़कों पर शिव के गणों का जयघोष गूंजता रहा। महाशिवरात्रि पर सात अखाड़ों के 10 हजार से ज्यादा नागा साधु, संन्यासी और संतों ने अपने आराध्य को त्रिवेणी का पुण्य अर्पित किया। 
विज्ञापन

2 of 18
शोभायात्रा के दाैरान शिव का वेश धारण किए युवक की फोटो लेते लोग। - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ों की पेशवाई यानी राजसी यात्रा में साधु-संन्यासियों की भीड़ इतनी थी कि तीन किलोमीटर लंबी कतार लग गई। पेशवाई के साथ ही दर्शन-पूजन की प्रक्रिया करीब पांच घंटे तक चली। राज्य सरकार की तरफ से हेलिकॉप्टर के जरिये साधु-संन्यासियों के साथ ही कतारबद्ध श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए गए।
विज्ञापन

3 of 18
काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की कतार। - फोटो : अमर उजाला
शस्त्र और शास्त्र से महादेव के चरणों में श्रद्धा का भाव अर्पित किया। इसके साथ ही महाकुंभ की यात्रा भी पूर्ण हो गई। यह पहला मौका था, जब अखाड़ों ने गेट नंबर चार से धाम में प्रवेश किया। श्री शंभू पंचदशनाम जूना अखाड़े की पेशवाई बुधवार की सुबह 6.25 बजे गोदौलिया चौराहे पर पहुंची। 

4 of 18
हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ भक्त। - फोटो : अमर उजाला
12 रथ और बग्घी के साथ नागा संन्यासियों की पेशवाई हनुमान घाट से निकली, जहां सड़क के दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी। इसकी अगुवाई आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने की। 

हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए नागा साधुओं की टोली निकली तो सड़क किनारे खड़े श्रद्धालुओं के हाथ खुद ब खुद जुड़ने लगे। नागा साधुओं का आशीष पाने के लिए हर कोई आतुर दिखा। करतब और कौशल का प्रदर्शन करते हुए नागा साधुओं की टोली बाबा के धाम की ओर बढ़ी। 
विज्ञापन

5 of 18
काश्नी में नागा साधु की पेशवाई। - फोटो : अमर उजाला
हनुमान घाट से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक सुरक्षा के खास इंतजाम रहे। ड्रोन से निगरानी की गई। अखाड़ों का स्वागत मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम, अपर पुलिस आयुक्त डॉ एस चनप्पा, मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र और एसडीएम शंभूशरण ने माला पहनाकर स्वागत किया।
विज्ञापन

6 of 18
काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास भक्तों का सैलाब। - फोटो : अमर उजाला
गोदौलिया से काशी विश्वनाथ धाम के रास्ते पर श्रद्धालुओं की कतार हर-हर महादेव का जयघोष कर रही थी। आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर रथ पर सवार होकर तो नागा साधु दौड़ते हुए चल रहे थे। गेट नंबर चार के बाहर पहुंचने पर शंख का जयघोष और डमरू निनाद के साथ ही साधुओं ने रेड कार्पेट पर चलते हुए धाम प्रवेश किया। धाम में पहुंचने के बाद तो नागा साधुओं का उल्लास देखते ही बना। कोई धाम में जमीन पर लोट रहा था तो कोई भाव विह्वल होकर नृत्य कर रहा था।
विज्ञापन

7 of 18
हनुमान बने एक भक्त ने सभी को किया आकर्षित। - फोटो : अमर उजाला
हाथ में गदा, त्रिशूल, तलवार और भाला
महाकुंभ की महाशिवरात्रि पर दशनामी नागा अखाड़ों के नागा संन्यासियों ने भव्य शोभायात्रा के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश किया। हाथ में गदा, त्रिशूल, तलवार, भाला लेकर शरीर पर भस्म रमाए नागा संन्यासी श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर- चार पर पहुंचे।

8 of 18
नागा साधु का आशीर्वाद प्राप्त करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
धाम के द्वार पर नागा संन्यासियों के भव्य स्वागत के लिए तैयार मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र एवं डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। डमरू दल की अगवानी और गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों की बरसात के बीच नागा संन्यासियों ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया। हर-हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष के बीच नागा संन्यासियों ने श्री काशी विश्वनाथ महादेव का विधि- विधान से दर्शन पूजन किया।

9 of 18
विदेशी बाबाओं ने काशीवासियों को किया आकर्षित। - फोटो : PTI
शिवतांडव का पाठ किया, विश्वकल्याण की कामना
सनातन धर्म के कल्याण की कामना से नागा संन्यासियों ने श्री काशी विश्वनाथ महादेव का अभिषेक किया। इसके बाद नागा संन्यासियों ने श्री काशी विश्वनाथ महादेव के प्रांगण में श्रीशिवतांडव स्त्रोतम का पाठ किया। मंदिर न्यास की ओर से नागा संन्यासियों के दर्शन पूजन को देखते हुए चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। 

10 of 18
शोभायात्रा के दाैरान नागा साधु। - फोटो : अमर उजाला
नागा संन्यासियों के लिए धाम में रेड कारपेट बिछाई गई थी एवं उनके सुगम दर्शन पूजन के लिए मंदिर न्यास के अधिकारी एवं कर्मचारी हर प्वाइंट पर मुस्तैद रहे। दर्शन-पूजन के बाद नागा संन्यासी सभी सनातनधर्मियों को सुख- समृद्धि का आशीर्वाद देकर श्री काशी विश्वनाथ धाम से रवाना हो गए।

11 of 18
स्मार्ट हो गए नागा साधु। - फोटो : अमर उजाला
अन्नपूर्णा मंदिर में खेली भस्म की होली
महानिर्वाणी अखाड़े की पेशवाई दोपहर में एक बजे के बाद निकली। गोदौलिया चौराहे से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद अखाड़े के महामंडलेश्वर, साधु, संन्यासी अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। मां अन्नपूर्णा का दर्शन करने के बाद नागा संन्यासियों ने मंदिर परिसर में ही भस्म से होली खेली। महंत शंकर पुरी की अगुवाई ने पूरे मंदिर परिसर में एक दूसरे को भस्म लगाई।

12 of 18
शिव के दर्शन-पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
इन्होंने पेशवाई की अगुवाई की
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि, महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद महाराज, सुमेरुपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज।

13 of 18
छोटे नागा साधु ने भी किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन। - फोटो : अमर उजाला
जगुआर से लौटे कैलाशानंद
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज दर्शन के बाद जगुआर से रवाना हुए। रथ पर सवार होकर वह श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। दर्शन पूजन करने के बाद वह धाम से जगुआर में सवार होकर लौट गए।

14 of 18
नागा संन्यासियों की निकली राजसी यात्रा। - फोटो : अमर उजाला
महाकुंभ में सनातन की एकता के दर्शन : अवधेशानंद
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि प्राचीन काल से ही श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा कुंभ की संपन्नता बाबा विश्वनाथ के मंदिर में ही करता है। कुंभ की संपन्नता, सिद्धि और पूर्णता का यह अवसर है। पूरे विश्व ने महाकुंभ में सनातन की एकता, सामाजिक समरसता और समृद्धि के दर्शन किए।

15 of 18
Mahashivratri 2025: पेशवाई में शामिल नागा साधु - फोटो : PTI
पूरा विश्व इस महाआयोजन से चमत्कृत है। इस महाकुंभ की विश्व में चर्चा है। आधा भारत ही महाकुंभ में डुबकी लगाने पहुंच गया। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि हर भारतीय के मन में कुंभ का विशिष्ट स्थान है। महाकुंभ ने विश्व को नए आयाम के दर्शन कराए हैं।

16 of 18
विश्वनाथ धाम में अखाड़ों ने दिखाया करतब। - फोटो : मंदिर प्रशासन
हम होली मनाकर लौटेंगे
जूना अखाड़े के प्रेम गिरि महाराज ने कहा कि अब हमारे अखाड़े का चुनाव होगा। होली मनाकर हम लोग अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

17 of 18
विश्वनाथ धाम में अखाड़ों ने किया दर्शन। - फोटो : मंदिर प्रशासन
संपूर्ण विश्व ने देखी सनातन की एकता : कैलाशानंद गिरी
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा कि कुंभ में भारत की लगभग आधी आबादी ने पुण्य की डुबकी लगाई। संपूर्ण विश्व ने सनातन की एकता को साक्षात देखा। सभी जाति, धर्म और पंथ की दीवारें महाकुंभ में गिर गईं। 
विज्ञापन

18 of 18
डमरू की थाप पर नागाओं का हुआ स्वागत। - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान दुनिया ने भारत की सभ्यता, संस्कृति और सनातन के वैभव को महसूस किया। हम सभी ने सनातनधर्मियों के साथ विश्व कल्याण के लिए कुंभ में प्रार्थना की। महाकुंभ ने दुनिया को संदेश दिया कि हम सभी एक हैं। दुनिया भर के देशों में भी सनातन के प्रति आस्था और प्रेम महाकुंभ में नजर आया। कुंभ का समापन हो रहा है। मैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भव्य आयोजन के लिए बधाई देता हूं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें