संगीत का जादू वैसे तो हर उम्र के लोगों के सिर चढ़कर बोलता है, शायद ही कोई ऐसा हो जो इसके असर से दूर हो। हां, ये बात और है कि युवा अपनी दीवानगी खुलकर जाहिर करते हैं, तो और लोग धीमे-धीमे ही सही लेकिन अपने तरीके से आनंद लेते हैं।
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मंच पर प्रस्तुति देतीं भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह
- फोटो : amar ujala
जब बात आ जाए भोजपुरी सिनेमा और उनसे जुड़े कलाकारों के लाइव कंसर्ट का तो फिर समझ लीजिए की दीवानगी की सारी हदें पार हो जाती हैं। युवा वर्ग हर बंदिशों से बेपरवाह ऐसे कार्यक्रमों में कलाकारों के मंच पर आने से लेकर और कार्यक्रम खत्म होने तक अपनी खुशी का इजहार वन्स मोर करके, कभी सीटी बजाकर तो कभी किसी और तरीके से करता ही रहता है।
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मंच पर प्रस्तुति देतीं भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह
- फोटो : amar ujala
भोले-भंडारी की नगरी काशी तो अपने-आप में संगीत की सभी विधाओं के पारगंत लोगों का निवास स्थान या सभी को प्रिय है। ऐसे में यहां की हर गली-हर मोहल्ले में भोजपुरी संगीत बजता सुनाई दे जाएगा। ऐसी दीवानगी भोजपुरी की स्टार अक्षरा सिंह और रितेश पांडेय ने बुधवार को बीएचयू के बिड़ला छात्रावास के एक कार्यक्रम में भी महसूस की।
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मंच पर प्रस्तुति देतीं भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह
- फोटो : Amar Ujala
वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में बीएचयू में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह और गायक रितेश पांडेय ने अपने गीतों से छात्रों को झूमा दिया।
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मंच पर प्रस्तुति देतीं भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह
- फोटो : Amar Ujala
बिड़ला छात्रावास के छात्रों की ओर से छात्रावास के सामने ग्राउंड में हुए इस कार्यक्रम में पूरा आयोजन स्थल खचाखच भरा रहा। रितेश ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति कर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
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मंच पर प्रस्तुति देतीं भोजपुरी स्टार रितेश पांडेय
- फोटो : amar ujala
छात्रों की मांग पर रितेश ने बम बम बोल रहा है काशी की प्रस्तुति की तो पूरा ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद अक्षरा सिंह जैसे ही मंच पर चढ़ी तो छात्रों ने हाथ उठाकर उनका अभिवादन किया।
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खचाखच भरा मैदान
- फोटो : amar ujala
अक्षरा ने राजा के सोझा सब लागे फीका..., बल्ब बूता द कीली लगा द, राजा के सोझा सब लागे फीका,बल्ब बूटा द किलि लगा द, मेरे रसके कमर तूने पहली नजर आदि गीतों से समां बांध दिया।
रितेश पांडेय ने भक्ति गीत या देवी सर्वेतु सु मातृ रूपे से शुरुआत की उसके बाद मुख्य रूप से बम बम बोल रहा हैं काशी। मंच संचालक प्रभुनाथ दाढ़ी ने बीच-बीच में छात्रों को गुदगुदाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।