वाराणसी में पिछले सप्ताह हुई ओलावृष्टि की वजह से क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान हुआ था और शुक्रवार की शाम को हुई बारिश से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुक्रवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हुई। तेज हवा के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज आंधी से घरों व दुकान पर रखे टिन शेड उड़ गए। शहर से लेकर गांव तक गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश का सिलसिला बना रहा।
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बारिश से फसल बर्बाद
- फोटो : अमर उजाला
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में कटी हुई फसल भीग गई और तेज हवा के कारण खड़ी फसल खेतों में गिर गई है।
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बारिश से फसल बर्बाद
- फोटो : अमर उजाला
पिछले सप्ताह हुई ओलावृष्टि की वजह से क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान हुआ था और शुक्रवार की शाम को हुई बारिश से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।
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बारिश से फसल बर्बाद
- फोटो : अमर उजाला
बारिश होने से अनाज के साथ-साथ भूसे के भी लाले पड़ जाएंगे। सोनबरसां गांव के किसान अंकित श्रीवास्तव, भंदहां के घनश्याम सिंह, बर्थरा खुर्द के नथुनी यादव, अजांव के मदन गोपाल उपाध्याय कहते हैं कि बारिश के चलते किसानों को एक बार फिर झटका लगा है।
पानी में बर्बाद हो रही गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
ओलावृष्टि से जो पहले फसलें बचीं थीं। अब वह भी बर्बाद हो रहीं हैं। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार अगले 24 घंटों तक मौसम का रुख इसी तरह बना रहेगा।