परिवार के सदस्य ताबूत खोलकर सूरज की एक झलक दिखाने का आग्रह कर रहे थे लेकिन पार्थिव शरीर के अवशेष होने के कारण वायु सेना ने लोगों ने ताबूत को नहीं खोलने दिया। करीब डेढ़ घंटे तक लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शोभा छपरा के अलावा लक्ष्मणछपरा, कर्णछपरा, शिवनटोला, फकरुटोला, रिसाल राय के टोला, श्रीपतिपुर, नौरंग सिंह के टोला, खखन के डेरा, खवासपुर, बाबूके डेरा आदि गांवों के बड़ी संख्या में लोग सूरज के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े थे। गांव की बुजुर्ग महिलाएं और पुरुषों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोग कह रहे थे भगवान सूरज के काहे छीन लिहलें..।