प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले वाराणसी को सजाया जा रहा है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले अतिथियों को काशी की समृद्ध परंपरा और संस्कृति से भी रूबरू कराने की तैयारी है। इस क्रम में बड़ालालपुर स्थित दीन दयाल हस्तकला संकुल की दीवारों पर काशी के अध्यात्म की झलक लोगों को आकर्षित कर रही है। संकुल को ट्रेड फैसिलिटी सेंटर के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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trade facility centre
- फोटो : अमर उजाला
यूं तो काशी का नाम ही देश-दुनिया के लिए बड़ा आकर्षण है लेकिन इस प्राचीनतम शहर की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत और कला को थ्रीडी तकनीक के सहारे जिस खूबसूरती से यहां प्रदर्शित किया गया है उसे देखकर बरबस ही नजरें ठहर जाती हैं। एकबारगी तो यकीन नहीं होता कि दीवारों पर तस्वीर देख रहे हैं या गंगा किनारे खड़े होकर सचमुच के घाट। जी हां, हम बात कर रहे हैं वाराणसी के बड़ा लालपुर स्थित पं. दीनदयाल हस्तकला संकुल की।
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varanasi
- फोटो : अमर उजाला
संकुल के सामने की दीवार पर काशी विश्वनाथ मंदिर की आकृति बनाई जा रही है। इसमें दर्जनभर से ज्यादा कारीगर लगे हुए हैं। इसे चार-पांच दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। दीन दयाल हस्तकला संकुल के गलियारों को आर्ट गैलरी सरीखा सजाया जा रहा है। बाहरी दीवारों को भी आकर्षक बनाया जा रहा है। सामने की दीवार में आदमकद काशी विश्वनाथ मंदिर की आकृति बनाई जा रही है। मंदिर के गुंबद तैयार भी हो चुके हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
इतना ही नहीं, सड़क के दोनों किनारों की दीवारें भी काशी की परंपरा व प्राचीनता को प्रदर्शित कर रही हैं। घाट, मंदिर, गलियां, साधू जैसे कई पहलुओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। आसपास के लोगों के अलावा शहर से लोग सजे, संवरे संकुल को देखने पहुंच रहे हैं और फोटो व सेल्फी ले रहे हैं। जिन लोगों को अंदर की दुकानें एलाट हुई हैं वे भी अपने काउंटर को नया लुक देने में जुटे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2017 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। संकुल के शॉप्स, मार्ट व रेस्तरा हैं। बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर सहित तीन अतिरिक्त फ्लोर बनाए गए हैं। दो स्तरीय बेसमेंट में लगभग 400 वाहनों की पार्किगिं की सुविधा दी गई है। बेसमेंट पर आफिस के अलावा 11 मार्ट, कंवेंशन सेंटर, फूड कोर्ट, 14 दुकानें, पूछताछ केंद्र, प्रवेश प्लाजा, आधुनिक गैलरी, दो हजार लोगों की क्षमता का एंफी थियेटर को बनाया गया।