13 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने वाले हैं। राजराजेश्वर का भव्य दरबार सतरंगी रोशनी से सराबोर हो चुका है। दिन के वक्त इस धाम की आभा तो अद्भुत दिखती ही है, लेकिन रात में ऐसा लगता है जैसे आसमान से तारे जमीन पर उतर आए हों। कहीं नीली, कहीं सुनहरी तो कहीं सतरंगी रोशनी बिखेरती एलईडी लाइट मंदिर परिसर की भव्यता को चार चांद लगा रही है।
13 दिसंबर को होने वाले लोकार्पण महोत्सव को अकल्पनीय बनाने के लिए मंदिर प्रशासन तैयारियों को मूर्त रूप देने में लगा है। धाम के मंदिरों के शिखर से लेकर जमीन तक स्मार्ट लाइटिंग की रोशनी हर किसी को बरबस ही अपनी तरफ खींच रही है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ की आरती के समय घंटियों और डमरूओं की निनाद के साथ रोशनी का संयोजन किया गया है। धाम तक आने वाले रास्तों पर फ्लोर लाइटिंग लगाई गई है जो श्रद्धालुओं को लाइटिंग के साथ बाबा के गर्भगृह तक लेकर जाएगी।
मल्टी कलर लाइट में स्वचालित नीली, सफेद, सुनहरी रंग की रोशनी का रंग बदलने के साथ ही धाम की भव्यता को और निखार रही है। देर शाम को मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालु भी बाबा के धाम की अद्भुत सजावट देखकर मंत्रमुग्ध नजर आ रहे हैं।
बाबा विश्वनाथ के धाम तक आने वाले मंदिर परिसर के रास्तों पर फ्लोर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। मल्टी कलर लाइट में नीली, सफेद, गोल्डन कलर की लाइट ऑटोमेटिक थोड़े-थोड़े देर पर कलर चेंज होने के साथ इस भव्यता को और निखार रही है।
विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी इस भव्यता को देखकर बेहद खुश हैं। रात के अंधेरे में काशी विश्वनाथ धाम का दिव्य और अद्भुत रूप देखकर यहां आने वाले भक्तों का कहना था कि लोकार्पण को लेकर बहुत उत्साह है।
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण महोत्सव को अविस्मरणीय बनाने के लिए मंदिर प्रशासन जुटा है। बाबा धाम महोत्सव के अवसर पर देशी और विदेशी फूलों की खुशबू से महक उठेगा। धाम क्षेत्र को सजाने के लिए पूर्वांचल के अलावा पश्चिम बंगाल और बिहार से फूल मंगाए जा रहे हैं।
काशी विश्वनाथ धाम 54000 वर्गमीटर मे फैला हुआ है। धाम का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण का काम अंतिम चरण में है। पहले चरण की परियोजना में मंदिर चौक, वाराणसी सिटी गैलरी, म्यूजियम, बहुउद्देशीय सभागार, हॉल, भक्त के लिए सुविधा केंद्र, सार्वजनिक सुविधा, मोक्ष गृह, गोदौलिया गेट, भोगशाला, पुजारियों और सेवादारों के लिए आश्रय, आध्यात्मिक पुस्तक पैलेस और अन्य का निर्माण शामिल है।