काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में पिछले सप्ताह निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय अधिकारियों से कहा था कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा व संरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। बावजूद इसके हद दर्जे की लापरवाही बरती गई
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घायल को लेकर अस्पताल पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते हादसे एक-दो महीने के अंतराल पर होते रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने राह चलते अप्रशिक्षित मजदूरों को काम पर लगाया और हादसा हुआ। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और ज्ञानवापी सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने घटना की जांच की। चूक कहां और किससे हुई, कार्य की निगरानी में लगे अधिकारी मौके पर थे या नहीं आदि विभिन्न बिंदुओं पर क्रमवार जांच की जा रही है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में पिछले सप्ताह निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय अधिकारियों से कहा था कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा व संरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। बावजूद इसके हद दर्जे की लापरवाही बरती गई और यह घटना हुई। बता दें कि शनिवार रात काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में ललिता घाट के पास मिनी मालवाहक से शीशा उतारते समय हादसा हो गया।
विशालकाय शीशा गिरने से एक मजदूर की घटनास्थल पर मौत हो गई। वहीं एक मजदूर घायल हो गया। जबकि मजदूरों के राहत बचाव में एक युवक चोटिल हो गया। जिन्हें ज्ञानवासी सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। जिलाधिकारी ने मृतक और घायल के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में चल रहा काम
- फोटो : सोशल मीडिया।
इसके पूर्व एक जून को ललिता घाट के पास ही गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरने से पश्चिम बंगाल मालदा निवासी दो मजदूरों अब्दुल मोमिन (25) और अमीनुल मोमिन (45) की मौत हो गई थी और सात मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद शासन स्तर से काफी नाराजगी जताई गई थी और आगे इस तरह के हादसे न होने पाए इसके लिए कार्यदायी संस्था को कड़ी हिदायत दी गई थी।
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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में चल रहा काम
- फोटो : अमर उजाला
इसके पूर्व 23 अप्रैल को लाहौरी टोला के समीप तीन मंजिला मकान की एक कमरे की दीवार भरभरा कर गिर गई थी। तब हादसे में पांच लोग घायल हो गए थे। एक बार फिर से ललिता घाट के पास हुए हादसे में चंदौली निवासी एक मजदूर की मौत ने कार्यदायी संस्था की लापरवाही को फिर से उजागर कर दिया।
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अस्पताल में भर्ती घायल
- फोटो : अमर उजाला
कॉरिडोर में लगाने के लिए मालवाहक पर लदकर आए एक विशालकाय शीशा उतारने के लिए संबंधित ठेकेदार ने मैदागिन से आठ मजदूरों को लेकर कॉरिडोर पहुंचा। मजदूरों में चंदौली के बबुरी थाना निवासी सिंटू (25) और जलीलपुर निवासी विनोद (25) वर्ष जैसे ही विशालयकाय शीशा को पकड़ा तभी अन्य साथियों का हाथ छूट गया। इतने में ही शीशा सिंटू के ऊपर ही गिर गया। उसे बचाने के लिए आया विनोद भी जख्मी हो गया। सिंटू को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। 55 हजार स्क्वायर फीट में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। इसमें कुल 24 भवन बनाए जा रहे हैं। 339 करोड़ के प्रोजेक्ट में सिविल कार्य पूरा हो चुका है। कॉरिडोर को 15 नवंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।