Varanasi News: यूजीसी के निमयों का विरोध तेज हो गया है। वाराणसी में विभिन्न संगठनों व छात्रों ने नए नियमों का कड़ा विरोध किया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए काशी विद्यापीठ को बंद करा दिया।
यूजीसी के निमयों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को छात्रों ने नारेबाजी करते हुए काशी विद्यापीठ को बंद करा दिया। विरोध की वजह से बुधवार को होने वाली स्नातक, स्नातकोत्तर की परीक्षाएं भी टालनी पड़ीं हैं। उधर, राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन की ओर से पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखकर नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही सवर्ण समाज के सांसदों को चूड़ी भेजकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करवाया।
विज्ञापन
2 of 5
UGC New Rule 2026 Row
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को छात्रों ने पहले प्रशासनिक भवन को बंद करवाया। इसके बाद परिसर के संकायों में पहुंचकर जिन जगहों पर कक्षाएं चल रही थीं, वहां से छात्रों को बाहर निकाल कर उसको भी बंद कराया गया। इसके बाद मानविकी संकाय में पहुंचकर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों की विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
3 of 5
UGC New Rule 2026 Row
- फोटो : अमर उजाला
योगेंद्र सिंह डिंपल, प्रशांत राय, गौरव सिंह, शिवम तिवारी, अंकुर तिवारी, निखिल चौबे ने कहा कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण छात्र विरोधी हैं। इसको तत्काल वापस लेना चाहिए। उधर, राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन ने सवर्ण सांसदों को डाकघर के माध्यम से चूड़ियां भेजीं और खून से प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा।
4 of 5
UGC New Rule 2026 Row
- फोटो : अमर उजाला
संगठन के अध्यक्ष रोशन पांडेय ने कहा कि यूजीसी का नया नियम सवर्ण जातियों पर सर्जिकल स्ट्राइक है। राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग के उपाध्यक्ष संतोष द्विवेदी पप्पू ने कहा कि सवर्ण समाज को मिटाने का काम किया जा रहा है। राहुल सोनकर, राजेश चौहान, दीपक केशरी ने इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
उधर, बीएचयू में छात्रनेता मृत्युंजय तिवारी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के गेट से विरोध रैली निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियम छात्र विरोधी हैं। अगर सरकार ने इसको जल्द से जल्द वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।