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काशी तमिल संगमम: अमित शाह बोले- आजादी के बाद देश की सांस्कृतिक एकता में जहर घोलने का प्रयास किया गया था

Fri, 16 Dec 2022 07:38 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
आजादी के बाद एक समय ऐसा आया, जब देश की सांस्कृतिक एकता में जहर घोलने का प्रयास किया गया। लेकिन अब समय आ गया है एक भारत श्रेष्ठ भारत की रचना करने का और वो भारत की सांस्कृतिक एकता से ही हो सकता है। यह कहना है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का। उत्तर-दक्षिण भारत के रिश्ते की प्रगाढ़ता के लिए खास आयोजन काशी-तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री शामिल हुए। बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि लंबे समय से हमारे देश की संस्कृतियों को जोड़ने का प्रयास नहीं हुआ था।

प्रधानमंत्री ने काशी तमिल संगमम के माध्यम से सदियों बाद ये प्रयास किया है। ये प्रयास पूरे देश की भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने का सफल प्रयास सिद्ध होगा। गृहमंत्री ने कहा कि आज मैं एक संदेश देना चाहता हूं कि विश्वास और प्रेम में एक समानता यह है कि दोनों को जबरदस्ती हासिल नहीं किया जा सकता। काशी तमिल संगमम ने आजादी के अमृतकाल वर्ष में उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों के बीच विश्वास और प्रेम का नया माहौल खड़ा करने का काम किया है।
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काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि गुलामी के एक लंबे काल खंड में हमारी संस्कृति और विरासत को मलिन करने का प्रयास किया गया है।  हमें आनंद है कि भारत की आजादी के अमृतकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांस्कृतिक पुनर्जागरण का काम किया है। मैं इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। 
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काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत अनेक संस्कृतियों, भाषाओं, बोलियों और कलाओं से बना हुआ देश है। मगर, इन सबके बीच में बारीकी से देखें तो उसकी आत्मा एक है और वह भारत की आत्मा है। दुनिया के अन्य देश जिओ पॉलिटिकल आधार बने हुए हैं, लेकिन भारत के साथ ऐसा नहीं है। 

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काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
अमित शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना काशी तमिल संगमम की पूर्णाहुति होने जा रही है। मगर, यह पूर्णाहुति नहीं शुरुआत है। यह तमिलनाडु और काशी की महान संस्कृति, कला, दर्शन, ज्ञान के मिलन की शुरुआत है। यह प्रयास आजादी के तुरंत बाद होना चाहिए था, लेकिन काफी साल तक नहीं हुआ
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काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु से आए भाई-बहन काशी से गंगाजल ले जाकर रामेश्वरम में अभिषेक कीजिएगा। फिर जब वहां से आइएगा तो वहां की मिट्टी लाकर गंगा के रेत में मिलाइएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी व्यवस्था की है कि पूरे देश को जानिए और समझिए। एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कीजिए।
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काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
गृहमंत्री ने कहा कि मैं काशी वालों का धन्यवाद करना चाहता हूं, तमिलनाडु से आए हुए सभी भाई-बहनों का काशीवासियों ने मन से स्वागत किया है। तमिलनाडु वाले काशी को कभी भूल नहीं सकते। अंत में उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घोष कर अपने संबोधन को समाप्त किया। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : सोशल मीडिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी तमिल संगमम ने काशी में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर दिया है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। 
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