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महाशिवरात्रि संगीत महोत्सव की तस्वीरें: गंगा के तट पर बही कैलाश खेर के सुरों की गंगा 

Sun, 14 Mar 2021 12:20 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रस्तुति देते कैलाश खेर - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में महाशिवरात्रि संगीत महोत्सव की तीसरी निशा कैलाश के नाम रही। सूफी गायक कैलाश खेर की आवाज का जादू श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। मां गंगा के किनारे कैलाश ने सूफियाना गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को संगीत के सम्मोहन में देर रात तक बांधे रखा।

शनिवार की शाम को राजघाट पर कैलाश खेर जब मंच पर पहुंचे तो काशी की जनता ने हर-हर महादेव के साथ उनका स्वागत किया। कैलाश ने जोगी मेरा रंग रंगीला...से शुरुआत की तो भीड़ भी बेकाबू हो उठी। मुक्ताकाशीय मंच की सीढ़ियों पर तिल रखने की जगह नहीं थी। अपने पसंदीदा गायक को सुनने के लिए लोग अगल-बगल के घाटों पर भी जमे रहे।

कैलाश ने जब मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया...की धुन छेड़ी तो जनता ने भी सुर से सुर मिलाया। इसके बाद कैसे बताए क्यों तुझको चाहूं..., तौबा-तौबा वे तेरी सूरत..., तेरे बिन नहीं लगता दिल मेरा ढोलना..., पिया केरंग-रंग दीनी ओढऩी..., टूटा-टूटा एक परिंदा...सानू एक पल चैन ना आवे..,जय-जयकारा..., तेरी दीवानी...की प्रस्तुति दी।
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प्रस्तुति देते कैलाश खेर - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान दर्शकों नेद कई बार कैलाश से बम लहरी की मांग करते रहे। दर्शकों की मांग को देखते हुए कैलाश ने समापन से पहले बम लहरी सुनाया। समापन ये दुनिया उटपटांगा से किया।  इसके पूर्व संगीत महोत्सव की प्रस्तुति में डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य ने राग श्याम कल्याण दु्रत ख्याल से शुरुआत की।

इसके बाद ताल तीनताल में निबद्ध शंकर शिवदानी भोलानाथ ....की प्रस्तुति से श्रोताओं को शास्त्रीय गायन की मधुरता के रस से सराबोर किया। अगली प्रस्तुति में भजन जय महेश जटाजूट...., शिव-शिव के मन शरण हो... के बाद समापन होली गीत होरी ऐसी होरी न खेलो कन्हाई रे....से माहौल में फागुनी रंगत घोली। तबले पर पं. ललित कुमार, हारमोनियम पर डॉ इंद्रदेव चौधरी और तानपुरे पर बृजेश कुमार ने संगत की।
 
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प्रस्तुति देते कैलाश खेर - फोटो : अमर उजाला
इसके पूर्व डॉ. अमलेश शुक्ला ने गीतकार कन्हैया दुबे केडी के लिखे गीत होली खेले बम भोला काशी में..., बम-बम बोल रहा है काशी..., काशी का फगुआ है जबरदस्त सहित कई गीतों की प्रस्तुतियां दीं। तबले पर दीपक सिंह, ढोलक पर वीरेंद्र, आर्गन पर संतोष और पैड पर विवेक ने संगत की।

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प्रस्तुति देते कैलाश खेर - फोटो : अमर उजाला
काशी में गाकर हो जाता हूं शिवमय : कैलाश खेर
सूफी गायक कैलाश खेर ने कहा कि फिल्म सिटी से पूरे प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। फिल्म नगरी तो हर जगह है लेकिन यहां इल्म नगरी बनाई जाए, अध्यात्म की नगरी बनाई जाए ताकि इसे अध्यात्म की कला नगरी कहा जाए।
 
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कैलाश खेर के साथ मंत्री नीलकंठ तिवारी - फोटो : अमर उजाला
सूफी गायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अध्यात्म का गढ़ है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, भगवान कृष्ण की जन्मभूमि अर्थात परमात्मा ने जिस खंड में अवतार लिया वह उत्तर प्रदेश है। बनारस में मैं जब गाता हूं तो शिव की अलख जगती है। पूरी काशी ही शिवमय है। कण-कण शंकर की नगरी है काशी। यहां एक संगीत ध्यान केंद्र बनाया जाए जहां देश-विदेश से लोग आएं और इस केंद्र में संगीत की साधना करें। बनारस में काफी बदलाव हुआ है।
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अस्सी घाट पर प्रख्यात गायिका अनुराधा पौडवाल - फोटो : अमर उजाला
अद्भुत और अलौकिक है मां गंगा की आरती

पार्श्व गायिका अनुराधा पौडवाल ने कहा कि मां गंगा की आरती अद्भुत और अलौकिक है। आरती की शुरुआत से जुड़ी हूं और लंबे समय बाद आज फिर शामिल होकर शांति महसूस हुई। वह शनिवार की शाम को अस्सी घाट पर गंगा आरती में शामिल हुईं। शनिवार को आरती के दौरान अनुराधा पौडवाल पूरी तरह से भक्ति भाव में सराबोर नजर आईं। मंत्रों के साथ सुर में सुर मिलाते हुए तालियां बजाते हुए उन्होंने भी मंत्रों का सस्वर पाठ किया।
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