बटुक भैरव मंदिर में श्रृंगार
- फोटो : अमर उजाला
भैरवाष्टमी पर प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त पांच वैदिक ब्राह्मणों द्वारा बाबा का षोडशोपचार पूजन किया गया। मध्यान्ह 12 बजे विशेष श्रृंगार दर्शन, झांकी सायंकाल 5 बजे, अष्ट भैरव हवन सायंकाल 7 बजे, श्रीकालभैरव जन्म लीला, कृष्ण-सुदामा लीला, महिषासुर वध, काली तांडव, मसान की होली, शीतला झांकी इत्यादि कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।