फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईआईटी बीएचयूः दीक्षांत समारोह में मेडल पाकर खुशी से दमके मेधावियों के चेहरे

Sun, 30 Dec 2018 11:30 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
आईआईटी बीएचयू के सातवें दीक्षांत समारोह में शनिवार को 50 छात्रों को 76 मेडल और 1191 मेधावियों को उपाधियां दी गई। इसके बाद छात्रों के चेहरे की खुशी देखते बन रही थी। समारोह के मुख्य अतिथि डीआरडीओ के चेयरमैन जी सतीश रेड्डी ने छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
विज्ञापन

2 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में डॉ. जी सतीश रेड्डी ने संस्थान में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ स्टार्टअप को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर ही मेक इन इंडिया के सपने को साकार किया जा सकेगा। 

 
विज्ञापन

3 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए इनोवेशन पर जोर देना होगा। जिससे ज्यादा से ज्यादा तकनीकी आधारित उत्पाद बनाए जा सकें और मेक इन इंडिया का सपना पूरा किया जा सके। 

 

4 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
भावी इंजीनियरों का आह्वान करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि एक इंजीनियर के तौर पर सोच हमेशा तार्किक होनी चाहिए। इससे पहले आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने संस्थान की उपलब्धियों की चर्चा की। 

 
विज्ञापन

5 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
डॉ. रेड्डी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरीडोर बनाए जाने की जो घोषणा की है, उसमें आईआईटी बीएचयू नॉलेज पार्टनर की भूमिका में काम करेगा। यह संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। 

 
विज्ञापन

6 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
समारोह से पहले पत्रकारों से बातचीत में चेयरमैन ने कहा कि डीआरडीओ और आईआईटी (बीएचयू) साथ मिलकर प्रदेश में रक्षा आधारित ज्यादा से ज्यादा उद्योग सृजित कर सकें, इसका यही उद्देश्य है। इस बारे में निदेशक के साथ बातचीत करने के साथ ही डीआरडीओ की ओर से एक टीम जल्द ही संस्थान में आकर शिक्षकों से बातचीत और दौरा भी करेगी।

 
विज्ञापन

7 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
समारोह में टॉपर इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के छात्र रामपाल सिंह ने सर्वाधिक 14 मेडल पाकर प्रेसीडेंट मेडल अपने नाम किया। खास बात यह है कि प्रेसीडेंट मेडल पहली बार दिया गया है। बलिया के लहसनी निवासी डॉ. रामाशीष सिंह के पुत्र रामपाल इस समय में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय केसीडॉट में रिसर्च इंजीनियर पद पर तैनात हैं। 

 
विज्ञापन

8 of 8
varanasi - फोटो : amar ujala
इसके पहले उनके बड़े भाई को भी इसी संस्थान में मेडल मिल चुका है। रामपाल ने बताया कि इस उपलब्धि के बाद जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन, संगठनात्मक क्षमता पर डायरेक्टर मेडल पाने वाले आमोद हेगड़े ने बताया कि पहली बार गेाल्ड मेडल मिला है, इस ऐतिहासिक दिन को वह और उनका परिवार कभी भूल नहीं सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें