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IIT bhu: टेक्नेक्स-2017 में गजब का इनोवेशन दिखा रहे भर से आए आईआईटीयंस

Sat, 25 Feb 2017 10:52 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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आईआईटी बीएचयू - फोटो : अमर उजाला
आईआईटी बीएचयू के तकनीकी उत्सव ‘टेक्नेक्स 2017’ की उड़ान को तो शुक्रवार को ही पंख लग गए थे लेकिन शनिवार को इसका औपचारिक आगाज हुआ। स्वतंत्रता भवन में ‘टेक्नेक्स’ और ‘संस्थान दिवस’ का उद्घाटन हुआ। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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‘टेक्नेक्स 2017’ - फोटो : अमर उजाला
 टेक्नेक्स-2017 के दूसरे दिन रोमांच और उत्साह दोनों दूना हो चला था। अलग-अलग प्रतियोगिताओं के प्रिलिम्स राउंड के बाद प्रतिभागियों ने फाइनल में जाने के लिए जोर आजमाइश की। रोबो कार से लेकर कार रेसिंग में उन्होंने तकनीक और इनोवेशन का परचम लहराया। 
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‘टेक्नेक्स 2017’ - फोटो : अमर उजाला
दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं में रोमांच और बाधाएं दोनों चरम पर थीं, चाहे वो हर्डलमेनिया, रोबो वार, हाइडैक्स जैसे इवेंट रहे हों या फिर ड्रोन टेक और कार रेसिंग। इसके अलावा दूसरे दिन एक्सट्रीम इंजीनियरिंग में प्रतिभागियों के बीच लोहे का पुल बनाने की प्रतियोगिता हुई। 335.95 किलोग्राम का बनाया गया पुल आकर्षण का केंद्र रहा। 
 

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‘टेक्नेक्स 2017’ - फोटो : अमर उजाला
होवर क्राफ्ट और वाटर रॉकेट ने भी लोगों को रोमांच से भर दिया। ऐसे ही ‘पहल’ में स्वच्छ, संपन्न, विजन, ग्रीनेक्स और आगाज कार्यक्रम हुए, जिसमें अलग-अलग 106 टीमों ने सतत विकास के मुद्दे पर प्रोजेक्ट्स बनाए। इसमें आठ टीमें फाइनल राउंड में गईं। उधर संस्थान दिवस के मौके पर सभी विभागों में वहां हो रहे रिसर्च व प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई गई। 
 
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‘टेक्नेक्स 2017’ - फोटो : अमर उजाला

नौ साल के शोध के बाद संतोष वासुदेव द्वारा बनाया गया इंसान जितना बड़ा रोबोट ‘इंद्रो’ भी ‘टेक्नेक्स’ का हिस्सा बना। ये ह्यूमनॉयड रोबोट ‘इंद्रो’ यहां आकर्षण का केंद्र रहा। गोरेगांव के संतोष ने ऐसे रोबोट के तीन प्रोटोटाइप तैयार किए लेकिन चौथे में उन्हें जाकर कुछ हद तक सफलता मिली। 
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‘टेक्नेक्स 2017’ - फोटो : अमर उजाला
वे अब एक ऐसा रोबोट बना रहे हैं जो कि डिफेंस में काम आ सके। मेक इन इंडिया की तर्ज पर बनाए जा रहे इस रोबोट की कीमत विदेश के रोबोट से आठ से दस गुना तक सस्ती होगी। संतोष का कहना है कि अमेरिका, रूस जैसे देश जब अपना ह्यूमनॉयड बना सकते हैं तो भारत क्यों नहीं।
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