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चाहिए बाबा भोले का आशीर्वाद तो इस शिवरात्रि को करें ये उपाय, जानिए पूजन का विधान

Tue, 13 Feb 2018 10:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
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महाशिवरात्रि - फोटो : amar ujala

महाशिवरात्रि पर देवाधिदेव महादेव के पूजन से हर असंभव काम संभव हो जाता है। साधु-सन्यासी हो या फिर कोई भी आमजन, हर किसी को बाबा भोलेनाथ की पूजा से लाभ मिलता है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने पड़ती है, लेकिन फाल्गुन महीने के कृष्णपक्ष त्रयोदशी को पड़ने वाली शिवरात्रि को ही महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें..

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महाशिवरात्रि - फोटो : amar ujala

महाशिवरात्रि पर राशिवार उपाय और पूजन से भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ ही शहर के सभी शिवालयों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही शहर में निकलने वाली झांकियों के लिए भी तैयारियां की जा रही है।

 
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महा शिवरात्रि - फोटो : SOCIAL MEDIA
ज्योतिषी एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ विमल जैन ने बताया कि 13 फरवरी को माघ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि रात्रि 10 बजकर 35 मिनट पर लगेगी जो कि दूसरे दिन 14 फरवरी को रात्रि 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। शिवरात्रि का महत्व रात्रि में ही माना जाता है। इस वक्त निशीथ काल में भगवान शिव का पूजन विशेष फलदायी होता है। चूंकि त्रयोदशी तिथि 13 फरवरी को रात्रि भर मिल रही है, इसलिए शिवरात्रि का मान भी 13 को ही होगा।

 

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शिवरात्री - फोटो : self
ये है पूजन का विधान
महाशिवरात्रि  के दिन दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक अतिरुद्र एवं महारुद्र करने का विधान है। जो लोग यह नहीं कर सकते, वे भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र ऊं नम: शिवाय का जप करें। चार पहर में रात्रि, सुबह, दोपहर और शाम को शिवार्चन के साथ शिव के चारों प्रहर के चार अलग-अलग श्रृंगार का विधान है।

 
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शिवरात्रि
इस दिन हर शिवलिंग जागृत होता है इसलिए अगर किसी द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं तो घर के आसपास किसी भी शिवमंदिर में दर्शन पूजन से वही फल मिलेगा, जो किसी ज्योतिर्लिंग के दर्शन से मिलता है। शिव को कनेर और कमल के अलावा लाल रंग के फूल प्रिय नहीं हैं। शिव को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाने का निषेध किया गया है। इसके अलावा कुमकुम या रोली, शंख, नारियल पानी, तुलसी का पत्ता भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए।

 
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लखनऊ में शिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी भीड़
राशिवार अभिषेक
मेष-भगवान शिव की पूजा गुलाल से करें, वृषभ- दूध से अभिषेक करें, मिथुन-गन्ने के रस से करें अभिषेक, कर्क-शिवजी का अभिषेक पंचामृत से करें, सिंह-शहर से करें अभिषेक, कन्या-गंगाजल या शुद्धजल से करें, तुला-दही से अभिषेक करें, वृश्चिक-दूध व घी से करें अभिषेक, धनु- दूध से करें अभिषेक,मकर-अनार के रस से करें अभिषेक, कुंभ- पंचामृत से करें अभिषेक, मीन-ऋतुफल से करें अभिषेक
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