वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से हुई 15 लोगों की मौत से पीड़ित परिवार और उनके सगे संबंधी उबर नहीं पा रहे हैं। वाराणसी के कंचनपुर की कुमकुम सिंह की आंखों के सामने ही उनके पति और बेटे ने दम तोड़ दिया था। उन्होंने हादसे के इतने बाद ‘अमर उजाला’ से बात करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : अमर उजाला
फ्लाईओवर हादसे में मंडुवाडीह क्षेत्र के कंचनपुर की कुमकुम सिंह ने अपने पति व इकलौते बेटे को गवां दिया। अब उनके जीने का सहारा सिर्फ इकलौती बेटी पल्लवी रह गई है, जो रूस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। रूस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही कुमकुम की बेटी पल्लवी अपने छोटे भाई और पिता की मौत के बाद मां को अकेला छोड़कर वापस नहीं लौटना चाहती है।
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, कुमकुम की मांग है कि उनकी बेटी की मेडिकल की पढ़ाई न छूटे और सरकार यहीं बंदोबस्त कर दे। चाहे तो इसकी एवज में सरकार उन्हें दी गई मुआवजे की रकम वापस ले ले। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गुहार लगाई है। पल्लवी ऐसी हालत में अपनी मां को छोड़कर जाना नहीं चाहती लेकिन कुमकुम का कहना है कि यह उसके पिता की इच्छा थी।
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- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए सरकार से व्यवस्था सहानुभूति पूर्व विचार करने के लिए गुहार लगाई हूं। ‘अमर उजाला’ से कुमकुम ने कहा कि वे नहीं चाहती हैं कि उनकी देखभाल करने की वजह से उनकी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़े। उसके पापा का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। इसलिए पीएम और सीएम को उन्होंने पत्र भेजकर मांग की है कि उनके बेटी की मेडिकल की पढ़ाई का इंतजाम करा दिया जाए।
15 मई की शाम कुमकुम अपने पति बैंक मैनेजर आरबी सिंह के साथ इकलौते बेटे वैभव को कोटा में परीक्षा देने के लिए ट्रेन पर बैठाने जा रही थी। इसी दौरान फ्लाईओवर की एक बीम उनकी कार पर गिरी और कुमकुम की आंखों के सामने ही उनके पति और बेटे ने दम तोड़ दिया था। हादसे में पिता और भाई की मौत की जानकारी पाकर बेटी पल्लवी रूस से घर आई। आंखों के सामने हुई पति और बेटे की मौत के सदमे से कुमकुम उबर नहीं पा रही हैं।