दर्शिता शुक्ल।
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भावनाओं को व्यक्त करने में सहायक है हिंदी
हिंदी भाषा के महत्व से हर हिंदुस्तानी परिचित है। हिंदी हमारे लिये वो माध्यम है, जो सचमुच भारत वर्ष को एकता व अखंडता की डोर से बांध कर रखती है। भारत में इस मिथक को तोड़ना बहुत आवश्यक है कि अंग्रेजी ही एक कुशल व समझदार नागरिक का निर्माण करती है। आज हिंदी विदेशों तक में लोकप्रिय तथा प्रचलित है। मेरे अध्ययन के विषयों में अंग्रेजी अवश्य है और मुझे कई अंग्रेजी लेखक भी प्रिय हैं पर जब भी मुझे कविता अथवा कोई साहित्य लिखने का मन करता है तो अंग्रेजी के शब्दों से ज्यादा हिंदी के शब्द मेरी भावनाओं को उचित रूप में प्रस्तुत करते हैं। सीखने के लिए दूसरी भाषाएं जरूरी हो सकती हैं पर आप जिस भाषा के साथ जन्म लेते हैं दुनिया की कोई भाषा उस भाषा का स्थान नहीं ले सकती। खुशी है कि आज पूरी दुनियां में सोशल मीडिया, टेलीविजन, सिनेमा और अन्य तकनीकी माध्यमों से हिंदी बोली व समझी जा रही है। हमें अपनी मातृभाषा से प्यार और मोहब्बत करना बहुत जरूरी है क्योंकि हिंदी हैं हम, वतन हैं, हिन्दुस्तां हमारा। - दर्शिता शुक्ल, छात्रा, बीए तृतीय वर्ष, बीएचयू