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तस्वीरें: पीएम के संसदीय क्षेत्र में प्रवासी भारतीयों के लिए बसी हाईटेक टेंट सिटी, बहुत कुछ है खास

Sun, 13 Jan 2019 01:25 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को देखते हुए पूरे बनारस को सजाया जा रहा है। बाबतपुर एयरपोर्ट से सटे ऐढ़े गांव में हाईटेक सुविधाओं वाली टेंट सिटी करीब-करीब बन कर तैयार है। शुक्रवार सुबह योगी आदित्यनाथ ने भी टेंट सिटी पहुंच कर यहां मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।  इस टेंट सिटी को कुछ इस तरह डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें एक शहर में मिलने वाली सभी सुविधाएं होंगी। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज कुंभ के दौरान प्रवास करने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बन रही 'टेंट सिटी' की ही तर्ज पर पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी कई एकड़ में फैली 'टेंट सिटी' में प्रवासी भारतीय प्रवास करेंगे। टेंट सिटी में बने सैकड़ों लग्जरी टेंटों में प्रवास के अलावा उसी ऐढे़ गांव के ग्रामीण प्रवासी भारतीयों को ग्रामीण परिवेश का एहसास भी कराएंगे। टेंट सिटी में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मेहमानों के स्वागत पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 
 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
600 से अधिक संख्या में बनने वाले टेंटों में कुल तीन तरह के टेंट लगाए जा रहे हें। एक वीवीआईपी टेंट, जिसमें एक बेड के साथ उच्चस्तरीय सुविधा होगी, इसे नाम विला दिया गया है। दूसरा वह जिसमें दो बेड होंगे। तीसरा ऐसा होगा, जिसमें चार बेड लगाए जाएंगे। सिंगल बेड वाले स्विस कॉटेज को दो राउंड में कुल 50 विला बनाए गए हैं।पर्यटकों को किसी प्रकार से अपने आवास तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए हर एक समूह में लगाए गए टेंटों को नाम दिया जा रहा है। इन्हें गंगा, यमुना, गोदावरी, क्षिप्रा, वरूणा, गोमती और सरस्वती नाम रखने का प्रस्ताव हुआ है। 

 

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nri - फोटो : amar ujala
ऐढे गांव  में टेंट सिटी में लगने वाले स्वीस कॉटेज में 1480 प्रवासी ठहरेंगे, 50 विला का काम अंतिम दौर में हैं, एक विला में दो प्रवासी ठहरेंगे। डिलक्स प्रीमियर विला 450 तैयार हो रहे हैं उसमें हर विला में दो प्रवासियों को ठहराने की व्यवस्था की गई है। चार बेड फैमिली रूम में 120 परिवार के 480 लोग ठहराए जाएंगे। प्रवासियों की सुविधा के लिए वातानुकूलित बसों समेत अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई है। सभी वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से स्थान चयनित किए गए हैं।

 
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टेंट सिटी का चल रहा काम - फोटो : amar ujala
करीब 16 हेक्टेयर में बन रहे टेंट सिटी का कार्य तेज गति से चल रहा है। 18 जनवरी तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। टेंट सिटी लालटेन की रोशनी से रोशन होगी। इसमें मिट्टी तेल की जरूरत नहीं होगी क्योंकि आधुनिक ढंग से बने लालटेन में बिजली के बल्ब लगे हैं जो रोशनी बिखेरेंगे। सभी टेंट के अंदर व बाहर लालटेन टांगे जा रहे हैं। इसके अलावा रास्तों के किनारे बल्ली के सहारे भी लालटेन टांगकर टेंट सिटी को प्रकाशमय किया जा रहा है।  
 
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nri - फोटो : amar ujala
सम्मेलन में आने वाले मेहमान खुद तय करेंगे कि वे काशी में क्या देखेंगे, कहां घूमेंगे या किस मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे। शासन, प्रशासन की ओर से अतिथियों के घूमने, टहलने व पर्यटन को लेकर कोई बाध्यता नहीं होगी। पर्यटन विभाग ने प्रवासी अतिथियों के पर्यटन, दर्शन-पूजन को लेकर कार्ययोजना तैयार की है।इसे पीबीडी (प्रवासी भारतीय दिवस) की साइट पर अपलोड किया जा रहा है। प्रवासी अपनी रुचि व श्रद्धा के आधार पर अपने लिए विकल्प चुन सकेंगे। 

 
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nri - फोटो : amar ujala
होटल में ठहरेंगे या टेंट सिटी में, इसका चुनाव भी प्रवासी ऑनलाइन ही कर रहे हैं। इसी के आधार पर शासन, प्रशासन को भी एक आंकड़ा मिल जाएगा कि कौन कहां जाएगा और क्या देखेगा। सम्मेलन के लिए जिले के  सभी होटलों के मिलाकर 1200 कमरें प्री बुक कर लिए गए हैं। प्रवासी अपनी क्षमता व पसंद के आधार पर होटल या टेंट सिटी आदि की बुकिंग कराएंगे और इसके लिए भुगतान करेंगे। 

 

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चल रही तैयारियां - फोटो : amar ujala
टेंट सिटी का हर डाइनिंग हाल भी कुछ अलग ही होगा। इसमें विला के लिए बनाए जा रहे डाइनिंग हॉल को भी मंदिर नुमा बनाया जा रहा है। वहीं एक दूसरे हॉल के प्रवेश द्वार पर काशी के गंगा घाटों की पेंटिंग बनाई जाएगी। ऐसे में वहां बनने वाले अस्पताल, पुलिस स्टेशन सहित सभी तरह के बनावट को कुछ अलग अलग तरह से बनाया जा रहा है।

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
वहीं कचहरी से लेकर ऐढे गांव तक सड़क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं बीच में हेरिटेज लाइटिंग भी लगाई जा रही है। डिवाइडर पेंट किए जा रहे हैं, इसके अलावा उस मार्ग में आने वाली दीवारों को भी पेंट किया जा रहा है। ऐढ़े गांव के समीप पढ़ने वाले रिंग रोड के ओवर ब्रिज की दीवारों को भी पेंट किया जा रहा है, ताकि आने वाले मेहमानों को धार्मिकता का एहसास दिलाया जा सके।

 
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