हरतालिका तीज पर गुरुवार को काशी में घरों से लेकर घाटों तक आस्था का उत्सवी माहौल देखते बना। सुबह से ही सजने संवरने में जुटीं महिलाएं। बांहों तक मेहंदी की छटा पर खनकती रंगबिरंगी चूड़ियां। माथे पर बिंदिया और सोलह शृंगार से निखरा रूप। बृहस्पतिवार को अखंड सुहाग, पतियों के दीर्घायु कामना में जहां विवाहिताओं ने व्रत रखा, वहीं कुंवारी कन्याओं ने मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए शिव पार्वती की आराधना की।
बुधवार की मध्यरात्रि से पहले कलेवा कर महिलाओं ने सुबह से ही व्रत रखकर शाम को नदी की चिकनी मिट्टी से बने शिव परिवार का सामूहिक पूजन किया। काशी समेत पूर्वांचल में सनातनी परंपरा का महिलाओं का यह लोकप्रिय व्रत है। आगे की स्लाइड्स में देखें..