वायरल वीडियो की स्क्रीनशॉट
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जिला जज की अदालत ने कहा कि मेरे विचार में इस स्तर पर अधिवक्ता कमिश्नर की कार्यवाही के दौरान मिले कथित शिवलिंग की आयु, प्रकृति और संरचना का निर्धारण करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वे को निर्देश दिया जाना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने कहा उपरोक्त विवेचन के प्रकाश में अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि वादिनी संख्या दो से पांच तक के अधिवक्ता हरिशंकर जैन व विष्णु जैन का प्रार्थनापत्र निरस्त होने योग्य है। ऐसे में कार्बन डेटिंग का आवेदन खारिज किया जाता है।