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Gupt Navratri 2022: इस बार 58 साल बाद बन रहे छह महासंयोग, राशि अनुसार करें इन पवित्र मंत्रों का जाप

Wed, 29 Jun 2022 05:03 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गुप्त नवरात्रि - फोटो : self
गुप्त नवरात्रि का आरंभ 30 जून से हो रहा है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के साथ आरंभ होकर नौ जुलाई को दशमी तिथि के साथ नवरात्र का समापन होगा। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5:26 से लेकर 6:43 बजे तक रहेगा। काशी ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 58 साल के बाद गुप्त नवरात्रि पर छह महासंयोगों का निर्माण हो रहा है जो साधकों को अभीष्ट की प्राप्ति कराएगा।

ज्योतिषाचार्य आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार इस बार गुप्त नवरात्रि के पहले दिन यानी 30 जून को विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन एक साथ गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, अडाल योग और विडाल योग बन रहे हैं। इसके साथ ही पुष्य नक्षत्र का भी निर्माण हो रहा है। एक साथ इतने शुभ मुहूर्त बनना बेहद फलदायी होता है। इस शुभ मुहूर्त में यदि आप कोई भी कार्य शुरू करते हैं तो उसमें अवश्य सफलता मिलेगी। अपनी राशि के अनुसार गुप्त नवरात्रि में मंत्रों का जाप करके सुख शांति एवं समृद्धि को प्राप्त कर सकते हैं।
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मेष: व्यक्ति मां भगवती के स्वरूप स्कंदमाता की पूजा करें, दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करने से सभी संकटों से मुक्ति मिलेगी।
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महागौरी की पूजा अर्चना कर चढ़ाए नेजा - फोटो : अमर उजाला
वृषभ: मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा करें, ललिता सहस्त्रनाम और सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का पाठ करने से समस्याओं का अंत होगा।

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कलश स्थापना - फोटो : अमर उजाला।
मिथुन: मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें। तारा कवच पाठ और ओम शिव शक्त्तयै नम: मंत्र का 108 बार जप करें। मनोकामना पूरी होगी।
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मां कूष्मांडा - फोटो : self
सिंह:  मां दुर्गा के कूष्मांडा देवी स्वरूप की पूजा करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से सभी क्षेत्रों में सफलता मिलेगी।
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- फोटो : istock
कन्या: मां भवानी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें। दुर्गा चालीसा का पाठ करें समस्या खत्म होगी।
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मां महागौरी - फोटो : SELF
तुला: मां भगवती के महागौरी स्वरूप की पूजा करें। सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करें सुख-शांति का वास होगा।
 

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मां कालरात्रि का दर्शन पूजन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
वृश्चिक: मां दुर्गा के मां कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा।
 

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चंद्रघंटा स्वरूप
धनु: चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा करें और श्रीरामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें। हर संकट से मुक्ति मिलेगी।
 

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स्कंदमाता - फोटो : SELF
मकर और कुंभ: स्कंदमाता देवी का पूजन करना चाहिए एवं दुर्गा जी की 32 नामावलियों का पाठ करना चाहिए।
 
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मां सिद्धिदात्री - फोटो : SELF
मीन:  सिद्धिदात्री मां का पूजन करें और सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
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