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PHOTOS : घर पहुंची गोल्डन गर्ल, एयरपोर्ट से दांदूपुर तक पूनम ही पूनम

Sat, 14 Apr 2018 02:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में वेटलिफ्टिंग के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद शुक्रवार को काशी पहुंची पूनम यादव का भव्य स्वागत किया गया। बाबतपुर एयरपोर्ट से दांदूपुर गांव तक बस गोल्डन गर्ल पूनम-पूनम का नारा ही गूंजता रहा। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
दांदूपुर गांव तक का 17 किलोमीटर का सफर तय करने में वाराणसी की बेटी पूनम को तीन घंटे लग गए। जगह-जगह स्वागत, फूलमालाएं और जोशीले नारों और ढोल-नगाड़े से माहौल उत्सव सरीखा हो गया। शुक्रवार सुबह 9:40 बजे पूनम बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंची। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत भारत माता की जय और हर हर महादेव के जयघोष के साथ हुआ। 

 
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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट पर ही पूनम को फूलमालाओं से लाद दिया गया। हर जुबान पर यही नारा था कि देश की बेटी कैसी हो पूनम यादव जैसी हो...। यहां से निकलते ही पूनम गले लग कर मां से मिली और पिता से आशीर्वाद लिया। इसके बाद पूनम खुली जिप्सी में सवार होकर घर के लिए निकली। 

 

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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
रास्ते में सातो महुआ के पास और तरना पर भी सैकड़ों ग्रामीणों और प्रशंसकों ने ढोल-नगाड़े से स्वागत किया। शिवपुर बाजार में तो उत्साही लोगों ने पूनम पर फूलों की वर्षा कर दी। गांव वालों ने उसकी आरती उतारी और फूलमालाओं से लाद दिया। ढोल-नगाड़ों पर झूमते और नारे लगाते हुए लोग पूनम के आगे-पीछे चल रहे थे।

 
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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
वहीं पूनम जब घर पहुंची तो नित ध्यान धरुं तेरा, बिगड़ी को बना डाला...बोल घर पर बज रहे थे और उसकी पूरी कहानी को भी बयां कर रहे थे। अभावों के बीच कामनवेल्थ में गोल्ड मेडल तक का पूनम का सफर मिसाल बन गया है। पूरा गांव स्वागत को तैयार था। गांव की लड़कियां, महिलाएं और बुजुर्ग हर कोई पूनम को देखने, मिलने और बात करने को बेताब था। 

 
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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह आठ बजे घर के बाहर पहुंच चुके लोग पूनम के आने की पल-पल की खबर ले रहे थे। उनके इंतजार का सिलसिला दोपहर 12:50 बजे समाप्त हुआ। पूनम की दादी समदेई और नानी जीउता देवी बार-बार लोगों से पूछ रही थीं कि पूनम कहां पहुंचलीं। पूनम की नानी आंखों की रोशनी खो चुकी हैं लेकिन अपनी नातिन को छूकर उस स्वर्णिम आभा को महसूस करना चाह रही थीं। 

 
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punam yadav - फोटो : अमर उजाला
दादी तो बात करते-करते आंखों की कोरों को भिगो दे रही थीं। दरवाजे पर पहुंचते ही दादी और नानी ने पूनम को अपने सीने से लगा लिया। गांव की बच्चियों ने गोल्डन गर्ल को छुआ तो पूनम ने सभी से उनका हालचाल पूछा। सबसे पहले पूनम ने घर के मंदिर में मत्था टेका।
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