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काशी को साक्षी मानकर 'सात फेरे' लेगा विदेशी समलैंगिक जोड़ा, जानिए कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी

Thu, 09 Aug 2018 05:21 PM IST
शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
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gay couple - फोटो : अमर उजाला
देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी का दिल पूरी दुनिया में धड़कता है। विदेशी मूल के दंपति गंगा को साक्षी मानकर जीवनभर साथ रहने की सौगंध खाते हुए सात फेरे ले चुके हैं। मगर, ऐसा पहली बार होगा कि काशी में दो समलैंगिक जोड़े शादी के बंधन में बंधने आए हैं। भारतीय संस्कृति के दर्शन ‘सात जन्मों के बंधन’ में बंधने की ख्वाहिश लिए एक विदेशी समलैंगिक जोड़ा काशी पहुंचा है। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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gay couple - फोटो : अमर उजाला
भारतीय संस्कारों से प्रभावित दोनों ने ताजनगरी आगरा में मोहब्बत के प्रतीक ताजमहल का दीदार किया और काशी के आध्यात्म को साक्षी मानकर सात जन्मों के बंधन में बंधने को तैयार हैं। भारत भ्रमण पर आए आस्ट्रेलिया के जेम्स और इटली के लूका की जोधपुर में मुलाकात हुई और इनके दिल में प्यार पनप गया। 

 
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gay couple - फोटो : अमर उजाला
वहां से अलग होने के बाद उन्हें इस बात का अहसास हुआ और दोनों ने जयपुर में मिलने का फैसला किया। जयपुर में लूका से जेम्स ने अपने प्यार का इजहार किया और फिर दोनों ने जीवन भर साथ रहने की कसमें खाईं। 

 

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gay couple - फोटो : अमर उजाला
भारत में लिए गए इस फैसले के बाद उन्होंने यहां की परंपराओं के अनुसार शादी करने का फैसला किया और इसके लिए काशी की धरती को चुना। इससे पहले प्यार को परवान चढ़ाने के लिए दोनों ने ताज का दीदार भी किया। 

 
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gay couple - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को काशी पहुंचे लूका और जेम्स ने गंगा को साक्षी मानकर शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया। लूका ने बताया कि भारत भ्रमण के दौरान काशी के आध्यात्म की जानकारी मिली। लोगों ने बताया कि भारतीय परंपरा का केंद्र काशी है तो हमने भी यहीं शादी करने का फैसला किया है। 

 
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gay couple - फोटो : अमर उजाला
समलैंगिक लूका और जेम्स को भारतीय वर्जनाओं की परवाह नहीं है। उनका कहना है कि हमने पढ़ा है कि भारत में प्यार के अलग-अलग रूप हैं। हम इसी सप्ताह शादी करके आस्ट्रेलिया चले जाएंगे। ऐसे में किसी को यहां हमारे फैसले पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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