अपने जमाने की मशहूर गायिका गौहर जान की मंगलवार को जयंती पर गूगल की ओर से डूडल बनाये जाने पर आजमगढ़ जिले के संगीत और साहित्य प्रेमियों के जेहन में उनकी यादें एक बार फिर ताजा हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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gauhar jaan
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गौहर जान को अपने जमाने की सबसे महंगी अदाकारा माना जाता था। गौहर 101 सोने की गिन्नी से कम में शो नहीं करती थीं। उन्हें देश पहली ऐसी गायिका माना जाता है जिन्होंने अपने गानों की रिकार्डिंग कराई थी। उन्हें देश की पहली रिकार्डिंग सुपर स्टार का खिताब भी मिला था।
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गौहर की मां विक्योरिया हेम्मिंग्स अमेरिका के आर्मेनियम मूल की थी। वो भी अच्छी डांसर और सिंगर थीं। उनकी बेटी एंजेलीना यावर्ड का 26 जून 1873 को जन्म आजमगढ़ में हुआ था। पति से तलाक के बाद विक्टोरिया बच्ची को लेकर एक अमीर के साथ वाराणसी चली गईं। वहां धर्म परिवर्तन कर अपना नाम मलिका जान और बेटी का गौहर जान रखा।
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गौहर ने अपनी जिंदगी में कई तरह का संघर्ष भी देखे था। भारतीय संगीत में बुलंदियों को छुआ। वह देश की पहली करोड़पति गायिका थीं। 101 सोने की गिन्नी से कम में कोई शो नहीं करती थीं। गौहर की आलीशान जिंदगी का पता इससे चलता है कि उन्होंने अपनी बिल्ली द्वारा बच्चों को जन्म देने पर 20 हजार रुपये खर्च कर दिए थे।
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गौहर जान चार घोड़ों वाली बग्गी में चलती थीं। कलकत्ता में बग्गी की अनुमति नहीं थी। अपने शौक को पूरा करने के लिए वे वायसराय को एक हजार रोजाना जुर्माना देती थीं। गौहर जान ने लगभग 20 भाषाओं में ठुमरी से लेकर भजन तक गाए। 600 गीत रिकॉर्ड किए गए थे। गौहर दक्षिण एशिया की पहली गायिका थीं जिनके गाने ग्रामाफोन कंपनी ने रिकॉर्ड किए।
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उन्होंने कालू उस्ताद, रामपुर के वजीर खां और उस्ताद अली बख्श से क्लासिकल की तालीम ली थी। कत्थक लीजेंड्री बृंदादीन महाराज से सीखी थी। अपने आखिरी दिनों में वो मैसूर के राजा कृष्ण राजा वाडियार के यहां चलीं गईं। उन्हें शाही गायिका बनाया गया था। 17 जनवरी 1930 को उनका देहांत हो गया।
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जिले के संगीत प्रेमियों और पुराने शिक्षाविदों को उनका जन्म आजमगढ़ में कहां हुआ ये याद नहीं, लेकिन उनके यहां होने की पुष्टि करते हैं। उनके बारे में प्रसिद्ध प्रसंग भी उन्होंने अमर उजाला के साथ साझा किए। पूर्वांचल विवि के नवनियुक्त डीन डॉ. बद्रीनाथ, मंगरावां के शिक्षक प्रो. समफीउज्जमा आदि ने बताया कि उनके बारे और अकबर इलाहाबादी के बीच की एक नोकझोंक काफी प्रसिद्ध हुई थी। अकबर इलाहाबादी हाईकोर्ट के जज थे। उनके पुत्र ने किसी क्रिश्चियन लड़की से शादी कर ली थी।
उन्हीं के फंक्शन में गौहर के गाने के लिए बुलाया गया था। वो गौहर को बुलाने से भी खुश नहीं थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गौहर पर टिप्पणी कर कहा कि खुशनसीब आज यहां कौन है गौहर के सिवाय, सबकुछ अल्लाह ने दे रखा है शौहर के सिवाय। उनकी ये टिप्पणी गौहर को काफी नागवार गुजरी थी। उन्होंने कहा था कि यूं तो गौहर को मयस्सर है हजारों शौहर पर उसे पसंद नहीं कोई अकबर के सिवाय।