19 दिनों तक शांत रहने के बाद गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव शुरू हो गया है। रविवार की देर शाम तक गंगा के बढ़ाव की रफ्तार 8 सेंटीमीटर प्रतिघंटे जबकि सोमवार सुबह रफ्तार पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे है। गंगा के बढ़ाव के कारण घाटों का आपसी संपर्क फिर से टूट गया है। वहीं गंगा तट और घाट किनारे रहने वालों की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। बात करें आंकड़ों की तो 20 घंटे में गंगा का जलस्तर तीन फीट से ऊपर बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में अभी वृद्धि के संकेत हैं। सोमवार सुबह आठ बजे जलस्तर 65.20 मीटर पहुंच गया।
पहाड़ और मैदानी इलाकों में हो रही बरसात के कारण चंबल, यमुना और घाघरा नदियां उफान पर हैं। सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रयागराज से बलिया तक गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हो गया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण रविवार को गंगा घाट की कई सीढ़ियां डूब गईं। इसके साथ ही मणिकर्णिका एवं हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह की परेशानियां फिर से बढ़ गई हैं।