त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह
- फोटो : अमर उजाला
विवाह के बाद कियमाह और केशा ने कहा कि हम मुस्लिम धर्म में पैदा जरूर हुए हैं लेकिन भारत आने के बाद यहां की संस्कृति ने तो दिल छू लिया। हम लोगों को अपने जीवन में कुछ खालीपन महसूस हो रहा था, इसलिए हिंदू रीति रिवाज से विवाह करने की योजना बनाई।