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हिंदुस्तानी रंग में अमेरिकी दूल्हा-दुल्हन: जौनपुर में हिंदू रीति-रिवाज से मुस्लिम जोड़े ने की शादी, तस्वीरें

Sun, 18 Sep 2022 04:30 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
भारतीय संस्कृति का आकर्षण कुछ ऐसा है कि अमेरिका से घूमने आए मुस्लिम जोड़े ने शनिवार को जौनपुर जिले में त्रिलोचन महादेव मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से सात फेरे लिए। बनारस पहुंचने के बाद दोनों ने शनिवार को त्रिलोचन महादेव मंदिर पहुंचे और हिंदू रीति रिवाज से शादी रचाई। कियमाह दीन खलीफा और उनकी प्रेमिका केशा खलीफा ने मंत्रोच्चारण के साथ अग्नि के सात फेरे लिए और सिंदूरदान की रस्म अदा की गई। 

शादी संपन्न होने के बाद केशा ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार ही अपने पति के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। मुस्लिम समुदाय में जन्मे कियमाह दीन खलीफा और उनकी प्रेमिका केशा खलीफा शनिवार को अपने टूरिस्ट गाइड के साथ विवाह के लिए कैथी पहुंचे। कैथी में विवाह के आयोजन बंद होने के कारण वह जौनपुर की सीमा पर स्थित त्रिलोचन महादेव मंदिर पहुंचे। हिंदू रीति -रिवाज से दोनों ने सात फेरे लिए और दो घंटे तक शादी की रस्में निभाई गईं। 
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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
यूएसए में रहने वाले कियमाह बिजनेस करते हैं और वह दोनों एक दूसरे को 18 साल से जानते हैं। वाराणसी आने के बाद उन्होंने अपने टूर गाइड राहुल दुबे से किसी ज्योतिषी से मिलवाने की मंशा जताई।
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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
राहुल ने उन्हें गोविंद गुरु से मिलवाया तो उन्होंने दोनों की कुंडली तैयार की। बातचीत के दौरान दोनों सनातन धर्म की परंपराओं से प्रभावित हो गए। केशा की दादी भारत की ही थीं और यूएसए जाकर उन्होंने विवाह किया था। दोनों पिछले पांच सालों से बनारस आ रहे हैं। 

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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
विवाह के बाद कियमाह और केशा ने कहा कि हम मुस्लिम धर्म में पैदा जरूर हुए हैं लेकिन भारत आने के बाद यहां की संस्कृति ने तो दिल छू लिया। हम लोगों को अपने जीवन में कुछ खालीपन महसूस हो रहा था, इसलिए हिंदू रीति रिवाज से विवाह करने की योजना बनाई। 
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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
कियमाह ने कहा कि हम लोग सात जन्मों तक एक दूसरे के साथ रहना चाहते हैं और हिंदू धर्म में विवाह सात जन्मों का बंधन है। हमने अपने प्यार को सात जन्मों के बंधन में बांधने के लिए ही हिंदू धर्म और संस्कृति के अनुसार शादी की है। 
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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
अमेरिका जोड़ा तीन दिन वाराणसी में रहने के बाद वापस यूएस रवाना हो जाएंगे।
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त्रिलोचन महादेव को साक्षी मानकर मुस्लिम जोड़े ने किया विवाह - फोटो : अमर उजाला
दुल्हन ने चुनरी के साथ लाल साड़ी और दूल्हे ने चूड़ीदार पैजामा के साथ कुर्ता और सिर पर पारंपरिक टोपी लगाकर सात फेरे लियए। शादी की शुरुआत भी दुल्हन के ताक पात से होते हुए सिंदूर दान, फेरे और कन्यादान तक पहुंचा। 

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