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Flood Alert: काशी में तीन हजार से ज्यादा मंदिर डूबे, हजारों की आबादी बेबस; तस्वीरों में देखें बाढ़ का हाल

Sun, 03 Aug 2025 01:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Flood in Varanasi: वाराणसी में गंगा के बढ़ाव के कारण उसकी सहायक नदी वरुणा भी उफान पर है। इस कारण आबादी वाले क्षेत्र में समस्याएं खड़ी हो गई हैं। लोग दूसरे स्थान पर जाकर रह रहे हैं। वहीं, डीएम ने इन इलाकों को निरीक्षण कर अफसरों को राहत कार्य के निर्देश दिए हैं।
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दशाश्वमेध घाट पर शीतला मंदिर और जल पुलिस की चाैकी डूबी। - फोटो : अमर उजाला
Flood in UP: वाराणसी में में गंगा खतरे के निशान 71.26 को पार गई है। इस कारण जहां 84 घांटों का संपर्क टूट गया है, वहीं इसके किनारे तीन हजार से ज्यादा मंदिर डूब गए हैं। शीतला घाट पर मां का मंदिर भी जलमग्न हो गया है। जल पुलिस की चाैकी भी पानी में डूब चुकी है। वहीं, जिलाधिकारी ने आबादी क्षेत्र में जाकर यहां का हाल जाना।

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बाढ़ग्रस्त इलाकों का हाल जानते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
आसपास के लोगों ने अंदेशा जताया कि अगर इसी तरह के हालात रहे तो सभी सीढि़यां भी डूब जाएंगी। बीते शनिवार की रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.71 मीटर पहुंच गया। 84 घाटों को डुबोने के बाद अब गंगा शहर में प्रवेश कर चुकी हैं। 
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बाढ़ के कारण घाट किनारे खड़े नाव। - फोटो : अमर उजाला
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से गंगा 14 सीढ़ी नीचे हैं। दशाश्वमेध घाट की तीन सीढि़यां बची हैं। शीतला घाट पर मंदिर पूरी तरह से पानी में समाहित हो चुका है और सिंधिया घाट पर रत्नेश्वर महादेव के मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। नमो घाट पर बने स्क्ल्पचर भी डूब गए हैं। लोग घरों में फंसे हैं। 

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बाढ़ के पानी में स्नान करते शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला
अस्सी घाट पर गंगा का पानी सड़क पर बह रहा है। जगन्नाथ मंदिर के गेट के पास पहुंच गया है। बढ़ती भीड़ को देख पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। सामनेघाट स्थित अघोर फाउंडेशन के पास से महेशनगर कॉलोनी में पानी आ गया है। पूरे शहर में 50 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
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बाढ़ के कारण किनारेवासियों में बढ़ी दहशत। - फोटो : अमर उजाला
हजारों की आबादी बाढ़ के आगे बेबस : गंगा और वरुणा नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को वरुणा नदी में सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक 12 फीट बढ़ाव रिकॉर्ड किया गया। 
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हर घंटे बढ़ रहा गंगा का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला
वरुणा नदी में पलट प्रवाह से नक्खीघाट, दनियालपुर, पुराना पुल और रूप्पनपुर जैसे अत्यधिक रूप से प्रभावित हैं। इन इलाकों में बाढ़ पीड़ितों के लिए नक्खीघाट स्थित चित्रकूट कॉन्वेंट इंटर कॉलेज और दनियालपुर के नवोदय पब्लिक स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है। शिविरों में 147 शरणार्थी शनिवार तक शरण ले चुके थे। 
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वरुणा का पानी आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। - फोटो : अमर उजाला
नक्खीघाट निवासी अनु देवी, जमाल अंसारी, सिमरन, हबीबा बीबी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर पास होने के बावजूद शिविर नहीं बना, जबकि राहत केंद्र उनके घरों से दूर हैं। लोग ऊंचे स्थानों पर निजी रूप से शरण लेने को विवश हैं। 

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वाराणसी में वरुणा के पानी से खेत भी हुए जलमग्न। - फोटो : अमर उजाला
मंडलायुक्त ने दिए शिविर बढ़ाने के निर्देश : मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने गंगा के उच्च स्तर तक पहुंचने की आशंका जताते हुए राहत शिविरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को एसडीएम अमित कुमार ने पुराना पुल इलाके का निरीक्षण किया और एक लॉन को राहत केंद्र में बदलने के निर्देश दिए। 

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वाराणसी में गंगा में आए बाढ़ में डूबा शीतला मंदिर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, सलारपुर और पंचक्रोशी क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है। वहां बने राहत शिविरों में अब तक 79 परिवारों के 352 लोग शरण ले चुके हैं। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के कारण हर घंटे लोग बाढ़ राहत शिविर में शरण लेने पहुंचे रहे हैं। इस वजह से राहत शिविर में छोटे पड़ने लगे हैं। 

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काशी में गांवों घुसा पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ में फंसने पर मिलाइए डायल-112 : पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने शनिवार को गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देख बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। सुरक्षा, राहत व बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा। 

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वरुणा का पानी आबादी क्षेत्र में घुसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चोरी व आपराधिक वारदात रोकने के लिए रात में नाव से विशेष बोट पेट्रोलिंग शुरू की गई है। जर्जर भवनों में रह रहे नागरिकों से शिविरों में स्थानांतरित होने की अपील की गई है। महिला सुरक्षा को ध्यान में रख शिविरों में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 

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वाराणसी में बाढ़ के पानी में जद्दोजहद। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांवों में घुसा पानी
चिरईगांव क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। ढाब क्षेत्र समेत कई गांवों के लोग पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। छितौना, जाल्हुपुर, अंबा, पिछवारी, चांदपुर, मुस्तफाबाद और बभनपुरा गांवों की फसल बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। ढाबवासियों के लिए शहर से संपर्क का एकमात्र रास्ता रामचंदीपुर-मुस्तफाबाद पुल बना हुआ है, लेकिन पुल से रेता बस्ती तक जाने वाला मार्ग करीब 100 मीटर तक बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। 

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सामान शिफ्ट करतीं महिलाएं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छितौना-अंबा मुख्य मार्ग पर भी पानी आ जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। बस्ती के 13 परिवारों के 87 लोग अपने मवेशियों के साथ रायपुर प्राथमिक विद्यालय में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। उधर, राजातालाब के शाहंशाहपुर, सीहोरवा, जक्खिनी, जमुनीपुर, मरुई आदि इलाके में बड़े पैमाने पर की गई मिर्च की खेती भी बाढ़ से प्रभावित हो गई है। 

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अस्सी घाट पर गंगा का पानी। - फोटो : अमर उजाला
तटवर्ती गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल डूबी
सरसौल, लूंठा, बर्थराकलां, मुरीदपुर,परनापुर, गौरा उपरवार चंद्रावती, रामपुर, भंदहां, कैथी के किसानों की सैकड़ों एकड़ सब्जी की फसल जलमग्न हो गई है। पानी अब घरों की चौखट पर हिचकोले मारने लगा है। मौनी बाबा आश्रम गौरा उपरवार, जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्र प्रभु की जन्मस्थली के किनारे भी पानी पहुंच चुका है। 

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पाइप पर चढ़कर रास्ता तय करता युवक। - फोटो : अमर उजाला
पिपरी गांव चारों तरफ पानी में घिर गया है। रात में जागकर निगरानी हो रही है। बेला से धौरहरा मार्ग पर पानी आ चुका है। रोहनिया में बेटावर, मुड़ादेव, करसड़ा में गंगा का पानी बढ़ने से खेतों में फसल डूब गई। बेटावर गांव में जाने वाले सड़क पर पानी पहुंच गया है।

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अस्सी घाट पर होटलों में घुसा पानी। - फोटो : अमर उजाला
नगवां नाले से पानी पहुंचा रामेश्वर मठ के पीछे
जलस्तर बढ़ने से नगवां नाले से पानी रामेश्वर मठ के पीछे से लेकर भागवत विद्यालय के समीप तक पहुंच गया है। गली के छह परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है। कुछ लोग रखवाली के लिए रुके हैं। जलस्तर बढ़ने से नगवां हरिजन, सोनकर बस्ती में भी पानी प्रवेश कर जाएगा। निगम ने 3 नावें लगाई गई हैं। 

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वाराणसी में भरा पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संगमपुरी काॅलोनी के मुख्य मार्ग पर पहुंचा पानी
संगमपुरी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर पानी आ गया है। महामृत्युंजय मंदिर के ऊपर तक पानी चढ़ गया है। कॉलोनी की तरफ पानी को निकालने के लिए सिंचाई विभाग ने छह मोटर पंप लगाए हैं। अपना घर आश्रम मदरवां सामनेघाट में निचले हिस्से तक पानी आने के कारण 114 लोगों को वहां से हटाया गया है।  

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बाढ़ आने के बाद पलायन कर रहे आबादी क्षेत्र के लोग। - फोटो : अमर उजाला
विश्वसुंदरी पुल के नीचे पहुंचा पानी
विश्वसुंदरी पुल के नीचे पानी आ गया है। रमना में पानी धीरे-धीरे घुसने लगा है। तटवर्ती इलाके में सब्जी की फसल पानी में डूबने लगी है। सामने घाट इलाके में रहने वाले लोग बाढ़ आने के डर से अपना-अपना सामान समेटने लगे हैं। राजस्व विभाग बाढ़ ग्रस्त इलाकों से प्रभावित लोगों को निकालने का बंदोबस्त कर रहा है। 

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बाढ़ के पानी के बीच पढ़ने जाते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हुकुलगंज, चित्रकूट कॉन्वेंट इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय सरैया में स्थापित राहत शिविरों का दौरा किया।

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घरों में घुस गया बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत शिविर पूरी क्षमता से संचालित हों और लोगों की राहत एवं सुरक्षा में कोई कमी न रहने पाए। डीएम ने शिविरों में पुरुष और महिला सिपाहियों की तैनाती के भी निर्देश दिया। 

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मारुति नगर काॅलोनी में बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने कहा कि जो लोग अपने घरों के ऊपरी मंजिलों पर रह रहे हैं, उन्हें भी राहत सामग्री और राशन किट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को शिविर परिसर और शौचालयों की साफ-सफाई बनाए रखने, जलजमाव वाले क्षेत्रों में एंटीलार्वा दवा, फॉगिंग और चूने का छिड़काव नियमित कराने के निर्देश दिए। 
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हजारों घरों में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
सीएमओ से बात कर उन्होंने शिविरों में मेडिकल टीम की तैनाती की बात भी कही। चित्रकूट कॉन्वेंट में बन रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि खाद्यान्न की गुणवत्ता और मात्रा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने आरके लॉज में रुके बाढ़ प्रभावितों को यूनाइटेड पब्लिक स्कूल में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में एसीएम तृतीय, नायब तहसीलदार, लेखपाल, स्थानीय पार्षद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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