शिव की नगरी काशी में पहली बार हनुमान चालीसा की चौपाइयों पर आधारित पेंटिंग तैयार हो रही है। जी, हां रंग और कूची के जरिये पवनसुत हनुमान लला अब कैनवास पर जीवंत होंगे। रंगों के संयोजन से कैनवास पर हनुमान चालीसा की चौपाइयों को उकेरने का काम कर रहे हैं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष व कलाकार डॉ. सुनील विश्वकर्मा।
कई पुरस्कार जीत चुके डॉ. सुनील इन दिनों पवनसुत की चौपाइयों को चित्रों के जरिए बखान करने में लगे हैं। उनके द्वारा तैयार 40 पेंटिंग चित्रकूट के तुलसीदास शोध संस्थान के संग्रहालय में लगाई जाएंगी।