1993 से शुरू हुआ नाटकों का महाकुंभ यानी थिएटर ओलंपिक आठवें साल में प्रवेश कर गया हैं। देश में पहली बार आयोजित दुनिया का सबसे बडे थिएटर फेस्टिवल का बनारस में भी रंग जमेगा। धर्म-संस्कृति,संगीत और कला के शहर वाराणसी में फेस्टिवल का आयोजन 11 मार्च से 25 मार्च के बीच नागरी नाटक मंडली में होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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थियेटर, प्ले, ड्रामा
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) की आरे से आयोजित थिएटर ओलंपिक का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से संपन्न होगा, जिसमें कुल 15 नाटकों का मंचन किया जाएगा। इस नाटक से शहरवासी लोक कला, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय थिएटर से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इस ओलंपिक का आयोजन दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सहित देश के कुल 17 अलग-अलग शहरों में हो रहा है।
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Gaiety Theatre
गुरुवार को वाराणसी के नागरी नाटक मंडली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा सोसायटी के एक्टिंग चेयरमैन डॉ. अर्जुन देव चरण ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में बनारस के लोगोँ को 15 बेहतरीन नाटक नि:शुल्क देखने को मिलेगा। इस फेस्टिवल का समापन आठ अप्रैल 2018 को मुंबई में होगा।
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taigore theatre
- फोटो : amar ujala
रुदाली (उषा गांगुली), वेलकम ज़िंदगी (सौम्या जोशी), शांति (हिमानी शिवपुरी), खूबसूरत बाला(हेमा सिंह), घुमायी (बलवंत ठाकुर) और दो अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन- सकुरा (कियेन योशिमुरा, जापान) और एडम (स्कॉटलैंड, द यूके) शामिल है। शहर में एक नेशनल सेमिनार का आयोजन भी होगा, जिसका विषय है द ट्रेडीशन ऑफ थिएटर इन इंडिया और थिएटर की जानी-मानी हस्तियोँ के साथ इंटरैक्शन की सीरीज ‘लिविंग लेजेंड’ का आयोजन भी होगा।
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थियेटर की दुनिया
- फोटो : डेमो फोटो
डॉ. अर्जुन देव चरण ने कहा कि कहा कि कला संचार का सबसे पुराना माध्यम है और एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी प्रसन्नता का अवसर तब होता है जब वह उन दर्शकों के सम्मुख अपनी कला का प्रदर्शन करता है। थिएटर एक ऐसा माध्यम है जो अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं के लोगों को एक छत के नीचे लाने और एकजुट करने की ताकत रखता है।
दुनिया के सबसे बडे़ थिएटर फेस्टिवल को भारत में आयोजित कराकर हमें बेहद गर्व का एहसास हो रहा है। देश भर में 51 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान हम थिएटर के माध्यम से दुनिया भर को एक वैश्विक गांव में तब्दील करने का प्रयास करेंगे। एनएसडी के डायरेक्टर प्रो. वामन केंद्रे ने कहा कि, पिछ्ले तीन सालों से हम थिएटर ओलंपिक्स को भारत में लेकर आने का स्वप्न देख रहे थे। इस साल हमारा सपना पूरा हो गया।