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शनि की दृष्टि मौजूदा समय सबसे भयानक और दुखदायी,जानिए प्रकोप से बचने के सरल उपाय

Wed, 24 May 2017 05:11 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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shani - फोटो : self
वक्री चल रहे शनि की दृष्टि मौजूदा समय सबसे भयानक और दुखदायी स्थिति में है। सबसे क्रूर माने जाने वाले इस ग्रह के कुंडली में बैठने से परेशान जातकों के लिए खुशखबरी है। आगे की स्लाइड्स में जानें..
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Shani Dev
25 मई गुरुवार को शनि जयंती पर सविधि पूजा और उपायों से प्रसन्न किया जा सकता है। उस दिन शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती, महादशा, अंतरदशा के अशुभ फलों में कमी और दृष्टि में बदलाव का महायोग मिलेगा।  खास बात यह है कि उस दिन चार ग्रहों की युति शनि की क्रूरता में कमी लाते हुए उसकी दृष्टि को शुभ फलदायी बना रही है। 
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शन‌ि
ऐसे में मुक्तिदायिनी काशी में शनि की विशेष आराधना दुखों-संघर्षों से उबारने के लिए कारगर साबित हो सकती है। जयंती वाले दिन गुरु के प्रभाव से बली शनि की दृष्टि छठवें भाव पर पड़ने पर अशुभ फलों को नष्ट करके शुभता की वृद्धि करेगी। उस दिन शनि की दृष्टि जिस भाव पर भी होगी, वहां बृहस्पति की दृष्टि के साथ शुक्र, बुध, सूर्य की दृष्टि पड़ने से अशुभ फलों में कमी आएगी। 

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शन‌ि यंत्र

शुभ ग्रहों की दृष्टि शनि की दृष्टि से उस स्थान की रक्षा करेगी। इसके साथ ही सूर्य, शुक्र, गुरु और मंगल का एक साथ होना शनि की 10 प्रकार की दशाओं से मुक्ति दिलाने में मदद करेगा।  शनि के साधक कन्हैया स्वामी बताते हैं कि जयंती के दिन शनि की यथाशक्ति पूजा करने से संघर्षों, कष्टों से छुटकारा मिलने का योग है। उस दिन थोड़े से उपायों से भी शनि को प्रसन्न किया जा सकता है। 
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- फोटो : PTI
ज्योतिषाचार्य विमल जैन के अनुसार धनु, मकर, वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की साढ़े साती, वृष, कन्या राशि वालों पर ढैय्या चल रही है। ऐसे जातकों को जयंती के जिन शनि मंदिर में दीपदान, उपवास करना चाहिए।  महावीर पंचांग के संपादक डॉ. रामेश्वर नाथ ओझा का कहना है कि शनि जयंती के दिन शनि ग्रह से आक्रांत जातक यदि शनि की अपेक्षित विधि से तैलाभिषेक, छायादान और पूजन करते हैं तो निश्चय ही कष्टों से छुटकारा मिलेगा।
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shani - फोटो : self
शनि की दशा से मुक्ति के उपाय
व्रत रखकर ऊं शं शनैश्चराय नम:, ऊं नमो भगवते शनैश्चराय सूर्य पुत्राय नम: मंत्रों का जाप करें
- मदिरा मांस के सेवन का परित्याग करें
- काला वस्त्र, काली उड़द, काला तिल, सरसों, तिल के तेल से शनि देव का अभिषेक करें
- गरीबों में खिचड़ी और काले रंग की वस्तुओं का दान करें
- विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में स्थित शनि देव के दरबार में दीपदान के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु
- जोड़ा हाथी पर विराजित शनि त्रिपुरा भैरवी गली में देंगे ऐश्वर्य
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shani - फोटो : self
शनि की दशाएं
ढैय्या, साढ़े साती, दशा, महादशा, अंतर दशा, प्रत्यंतर दशा, प्राण दशा, सूक्ष्म दशा, वक्र दृष्टि, गोचर भ्रमण।  
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