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डॉ. रीना को न्याय दिलाने के लिए लखनऊ से उठी आवाज, मौसेरे भाई ने बताई पति की गिरफ्तारी न होने की वजह

Mon, 15 Jul 2019 04:56 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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डॉ. रीना सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हाई प्रोफाइल केस में इंसाफ के लिए लखनऊ से भी आवाज उठने लगी है। बनारस की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना सिंह की मौत के मामले में पति की गिरफ्तारी न होने के विरोध में रविवार शाम डॉक्टरों व स्वयंसेवी संगठन ने लखनऊ के 1090 चौराहे पर हाथ में तख्ती लेकर विरोध जताया। सभी ने आरोपी पति की गिरफ्तारी की मांग की। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
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डॉ. रीना के लिए न्याय मांगते लखनऊ के डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
परिजनों का आरोप है कि पति कई साल से उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। मुकदमा लिखने बाद भी पुलिस राजनैतिक दबाव के चलते आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। इससे पहले सभी ने डॉ. रीना के चित्र के सामने कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी।
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डॉ. रीना सिंह और पति डॉ. आलोक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति एडवा के बैनर तले सभी एकजुट हुए थे। डॉ. रीना के मौसा इंद्रसेन सिंह का आरोप है कि पति डॉ. आलोक सिंह ने उनकी भतीजी का गला दबाकर हत्या की है। उसे हादसा का रूप देने के लिए सीढ़ी से गिरकर मौत बताया गया। डॉ. आलोक सिंह और उनके मां-बाप के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया। रिपोर्ट दर्ज होने बाद भी पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर रही है। 

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डॉ. रीना सिंह (फाइल फोटो) और पति डॉ. आलोक का अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
मौसेरे भाई विशाल का कहना उनकी बहन की डॉ. आलोक से 2004 में शादी हुई थी। शादी के दो साल तक वैवाहिक संबंध ठीक थे। वर्ष 2006 में बेटी होने बाद डॉ. आलोक उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित करने लगा था। वर्ष 2014 में दोबारा बेटी होने पर दोनों के बीच संबंध खराब हो गए थे। डॉ. आलोक को बेटा चाहिए था। इसके बाद डॉ. रीना पर अत्याचार होने लगा तो वह डिप्रेशन में चली गई। छह माह तक उनका इलाज चला था। दो जुलाई 2019 को सीढ़ी से गिरकर उनकी मौत होना पति ने दिखाया था। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा था कि डॉ. आलोक उनका गला दबा रहा था।
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डॉ. रीना सिंह को डॉक्टरों ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
मौसेरे भाई का आरोप है कि आरोपी डॉक्टर को बचाने में बनारस के एक राज्य मंत्री लगे हुए हैं। राजनैतिक दबाव के चलते आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। परिजनों ने सीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग किया है। वहीं, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज बांदा से पढ़ी डॉ. नीलम ने बताया कि डॉ. रीना सिंह उनकी जूनियर थी। डॉ. रीना को न्याय दिलाने के लिए कॉलेज के डॉ. जेपी सिंह, डॉ. निमिषा गुप्ता, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. राजा भार्गव, डॉ. ओपी चौरसियां, डॉ. मनीषा समेत अन्य डॉक्टर और एडवा की संयुक्त सचिव सीमा राना ने आवाज उठाई है।
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