namvar singh
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आवाजापुर निवासी साहित्यकार एल उमाशंकर सिंह ने कहा कि भले ही इसके बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा लेकिन गांव के विकास के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहे। गांव के प्राथमिक विद्यालय निर्माण के लिए भूमि कम पड़ रही थी तो उन्होंने 15 डिस्मिल भूमि दान कर दी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए एक एकड़ छह डिस्मिल भूमि दान की थी। उनके बुलावे पर 1993, 1995 और 2001 में गांव आए। हर भाषण के दौरान अपनों के बीच भावुक हो जाते और कहते कि घर एक ठगिनी माया है। कम पढ़े तो हल छूटे, ढेर पढ़े तो घर छूटे। देश में रहूंगा, परदेश में रहूंगा, किसी भी वेश में रहूंगा, तब भी आपका ही कहा जाऊंगा।