पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शाम की लालिमा छाते ही घाट दीपकों की रोशनी में नहाने लगे। पूनम की चांदनी के बीच उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर दीपमालाएं की शृंखला सज गई। देव दीपावली के अवसर पर दीपों की रोशनी में घाट, कुंड से लेकर गली तक दीप ही दीप नजर आए। देखें आगे की स्लाइड्स...
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देव दीपावली
- फोटो : अमर उजाला
बनारस सहित देश से लेकर विदेश तक देव दीपावली का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। शाम होते ही गगां घाटों पर काफी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। बनारस के घाटों ऐसे दिख रहे हैं जैसे स्वर्ग धरा पर उतर आया हो।
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देव दीपावली
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तुलसी घाट पर देव दीपावली महोत्सव ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी के नाम समर्पित रही। इसके लिए गिरिजा देवी की 51 फीट ऊंची प्रतिमा को बीएचयू दृश्य कला संकाय और आनंद वन समूह के चित्रकारों ने मिलकर तैयार कर गई।
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देव दीपावली
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राजनीति, कला, संगीत के अलावा उद्योग जगत की हस्तियां इस महोत्सव के नजारे की साक्षी बनें। महोत्सव को यादगार बनाने के लिए आरती स्थल की मढ़ियों के अलावा घाटों को गेंदा की मालाओं से सजा गया है।
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देव दीपावली
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अस्सी घाट, तुलसी घाट, हनुमान घाट, शिवाला घाट, राजा घाट, मान सरोवर घाट, अहिल्या बाई घाट, पांडेय घाट, केदार घाट, मान मंदिर घाट, ललिता घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट के अलावा राजघाट पर दीपोत्सव की छटा देखते बन रही थी।
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देव दीपावली
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कार्यक्रम के लिए महीने भर पहले से ही फूलों, महलों, घाटों, बजड़ों और मंचों को सजाने की तैयारी चल रही थी। देव दीपावली पर अस्सी से राजघाट और संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल के बीच करीब सौ से अधिक घाटों पर दीप महोत्सव की छटा बिखरी।
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देव दीपावली
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देव दीपावली पर इस बार दो-दो लाख रुपये में भी बजड़ों की बुकिंग हुई। नावें खाली नहीं हैं। छोटी, मझोली और बड़ी नावों को मिलाकर चार हजार से अधिक नावों के झुंड देव दीपावली महोत्सव में घाटों पर इतराईं।
देव दीपावली पर प्रशासन पर सुरक्षा को लेकर बहुत दबाव रहा। कार्यक्रम के लेकर पुलिस-प्रशासन ने मजबूत व्यवस्था की है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न होने पाए।