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Dev Deepawali 2022: कार्तिक पूर्णिमा पर कर लें ये काम, बरसने लगेगी मां लक्ष्मी की कृपा, आशीष देंगे देव

Sun, 06 Nov 2022 06:28 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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दीपदान - फोटो : istock
हिन्दू धर्म शास्त्रों में वैसे तो प्रत्येक पूर्णिमा का अपना महत्व है। लेकिन कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का एक अलग ही महतम्य है। कार्तिक माह सभी महीनों में उत्तम फलदायी माना गया है। कार्तिक महीने में दीपक का विशेष महत्व है। दीपक रोशनी का प्रतीक है जिससे अंधकार दूर होता है। इसलिए दीपावली के ठीक 15 दिन बाद देव दीपावली मनाई जाती है। कार्तिक महीने में दीपक के प्रकाश, जप, दान व स्नान का विशेष महत्व रहता है। ऐसा करने से जातक पर लक्ष्मी नारायण की कृपा होती है।

अगर आप कार्तिक महीने में कोई उपाय नहीं कर पाए हैं तो देव दीपावली को जरूर दीपदान करें। काशी में कार्तिक मास पर्यंत दीपदान की परंपरा है। पूरे माह दीपदान नहीं कर पाने वालों के लिए देवदीपावली पर दीप जलाकर मास पर्यंत का फल और शुभता की प्राप्ति हो सकती है। मान्यता है कि कार्तिक मास में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के पूजन से दरिद्रता का नाश होता है। 
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दीपदान - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य पं. दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक दीपक प्रज्वलित करने के बाद पूजन करने से मां लक्ष्मी और सभी देवता आशीर्वाद देते हैं। तुलसी का चौरा, गंगा नदी और मंदिर में दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। 
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दीपदान - फोटो : अमर उजाला।
कहा जाता है कि शाम और सुबह सूर्य के अभाव में जहां दीपक का प्रकाश होता है वहीं देवताओं का वास होता है। इसलिए इस शुभ दीप घड़ी को अपने कल्याण के लिए जरूर इस्तेमाल करना चाहिए। 

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दीपदान
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में स्नान करने के बाद 11 दीपों का दान करें। फिर नदी किनारे स्थित किसी मंदिर में पूजा अर्चना कर घर लौट जाएं। घर जाकर मां तुलसी के गमले, मंदिर में घी का दीया जला दें । ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा होगी। घर पर कनकधारा स्त्रोत का भी पाठ कर सकते हैं। 
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देव दीपावली - फोटो : अमर उजाला
घर पर घी या सरसों के तेल के 11 दीपक जलाएं। पहले मिट्टी के दीये को मां तुलसी के पास ऊं तुलसीभ्य: नम: मंत्र का उच्चारण करते हुए रख दें। एक दीये को आप घर के दरवाजे के बाहर रखें। बाकी बचे नौ दीयों को आप मंदिर में रख दें। इसके बाद आप अपने आराध्य की उपासना करने के साथ विष्णु सहस्रनाम और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आपका भाग्य समृद्ध होगा और घर में लक्ष्मी का वास होगा।
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देव दीपावली (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
देव दीपावली के दिन मंदिर में जाकर अपने आराध्य की पूजा करें। मंदिर में अपने आराध्य को मंत्रोच्चार करते हुए दीप दिखाएं। मंदिर के बाहर एक दीप पीपल के पेड़ के पास जला दें। फिर जरुरतमंद को दान कर दें। 
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