हिन्दू धर्म शास्त्रों में वैसे तो प्रत्येक पूर्णिमा का अपना महत्व है। लेकिन कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का एक अलग ही महतम्य है। कार्तिक माह सभी महीनों में उत्तम फलदायी माना गया है। कार्तिक महीने में दीपक का विशेष महत्व है। दीपक रोशनी का प्रतीक है जिससे अंधकार दूर होता है। इसलिए दीपावली के ठीक 15 दिन बाद देव दीपावली मनाई जाती है। कार्तिक महीने में दीपक के प्रकाश, जप, दान व स्नान का विशेष महत्व रहता है। ऐसा करने से जातक पर लक्ष्मी नारायण की कृपा होती है।
अगर आप कार्तिक महीने में कोई उपाय नहीं कर पाए हैं तो देव दीपावली को जरूर दीपदान करें। काशी में कार्तिक मास पर्यंत दीपदान की परंपरा है। पूरे माह दीपदान नहीं कर पाने वालों के लिए देवदीपावली पर दीप जलाकर मास पर्यंत का फल और शुभता की प्राप्ति हो सकती है। मान्यता है कि कार्तिक मास में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के पूजन से दरिद्रता का नाश होता है।