फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी का अद्वितीय साज-श्रृंगार शुरू, मोक्षदायिनी के गले में सजीं आकाशदीपों की लड़ियां

Sun, 08 Oct 2017 03:41 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
akashdeep - फोटो : अमर उजाला
पवित्र माधव मास के पहले दिन शुक्रवार को सांझ ढलते ही काशी का अद्वितीय साज-श्रृंगार शुरू हो गया। तीर्थ पुरोहितों के अलावा महिलाएं, बच्चे गंगा घाटों की सीढ़ियां उतरे। डेलियों में दीप जलाकर बांस के पोरों पर रस्सी के सहारे खींचे जाने लगे। देखते ही देखते गंगा तटों पर आकाशदीपों की श्रृंगार सज गई। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..

 
विज्ञापन

2 of 6
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

देवताओं की राह में उजाला करने के लिए मास पर्यंत आकाशदीप जलाए जाएंगे। तीर्थ नगरी काशी के गले में आकाशदीपों का चंद्रहार शुक्रवार की शाम दमकने लगा। पंचगंगा घाट पर श्रीमठ से लेकर रामघाट के बीच समूहों में आकाशदीप जलाए गए। 
 
विज्ञापन

3 of 6
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

पड़ोसी देश नेपाल से पहुंचे लोगों ने पूर्वजों की स्मृति में आकाशदीप जलाए। मान्यता है कि माधव मास में देवी-देवता देवलोक से धरती पर आते हैं। घाटों पर बांस के पोरों के सहारे डेलिया में आकाशदीपों की लड़ियां सजने के बाद मोक्षदायिनी का किनारा किसी उत्सव की मानिंद गुलजार हो गया। 
 

4 of 6
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

मंगलागौरी, दूध विनायक, सूतटोला के अलावा रामघाट, सिंधिया घाट, मान मंदिर घाट, गंगा महल घाट पर आकाशदीपों की लड़ियां सजाई गईं। पं. रमेश कुमार भट्ट ने बताया कि सूर्योदय होने से पहले भोर में ही स्नान के बाद आकाशदीप जला दिए जाएंगे। 

 
विज्ञापन

5 of 6
akashdeep - फोटो : अमर उजाला
शाम को भी रोजाना घी के दीये बांस की डेलियों में जलाकर बांसों पर टांगे जाएंगे। मंगलागौरी की निवासिनी सीता घिमिरे ने बताया कि महीने भर भगवान गोपाल की प्रतिमाएं बनाकर महिलाएं घाटों पर नृत्य-संगीत करेंगी। इसी के साथ आकाशदीप जलाकर खुशहाली के लिए देवी-देवताओं की प्रार्थना की जाएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
akashdeep - फोटो : अमर उजाला
शहीदों की स्मृति में दशाश्वमेध घाट पर स्वर्ग लोक के यात्रा मार्ग को रौशन करने के लिए आकाशदीप जलाए गए। सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के अलावा एयर मार्शल अर्जन सिंह समेत इंडो-तिब्बत बार्डर पुलिस, एनडीआरएफ, सीमा सुरक्षा बल के शहीद जवानों के नाम पर आकाशदीप जलाए गए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें